ग्वालियर: नगर निगम में प्रशासनिक फेरबदल, आयुक्त ने अधिकारियों को सौंपे नए प्रभार; श्रीकांत कांटे और सुरेश अहिरवार को मिली बड़ी जिम्मेदारी

ग्वालियर। मध्य प्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग द्वारा नगर निगम ग्वालियर में किए गए हालिया तबादलों के बाद प्रशासनिक व्यवस्था को सुदृढ़ करने के प्रयास तेज हो गए हैं। निगम के कार्यों को बिना किसी रुकावट के सुचारू और नियमित रूप से संचालित करने के उद्देश्य से नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने कई वरिष्ठ अधिकारियों के अतिरिक्त प्रभार संबंधी आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार, सभी संबंधित अधिकारी अपने वर्तमान कर्तव्यों के साथ-साथ इन नवीन दायित्वों का भी निर्वहन करेंगे।
श्रीकांत कांटे को मिला पूर्व विधानसभा जनकार्य और गौशाला का प्रभार
आयुक्त द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत कार्यपालन यंत्री (Executive Engineer) श्री श्रीकांत काँटे की जिम्मेदारियों में बड़ा इजाफा किया गया है। उन्हें अब उनके वर्तमान कार्यों के अतिरिक्त निम्नलिखित महत्वपूर्ण विभागों का जिम्मा सौंपा गया है:
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पूर्व विधानसभा क्षेत्र का जनकार्य विभाग (Public Works Department)
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नगर निगम की गौशाला व्यवस्था
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शहर का पार्क विभाग
सुरेश अहिरवार बने नए नगर निवेशक, पूर्व जनकार्य के प्रभार से मुक्त
नगर निगम की सबसे महत्वपूर्ण शाखाओं में से एक ‘नगर निवेशक’ (City Planner) की जिम्मेदारी में भी बदलाव किया गया है। प्रभारी कार्यपालन यंत्री श्री सुरेश अहिरवार को अब नगर निवेशक (भवन शाखा एवं कॉलोनी सेल) का नया दायित्व प्रदान किया गया है। इस नई पदस्थापना के साथ ही श्री अहिरवार को प्रभारी कार्यपालन यंत्री पूर्व जनकार्य विभाग के पुराने दायित्व से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।
सुशील कटारे को पीआईयू और पीएम आवास योजना की अतिरिक्त कमान
इसी प्रशासनिक फेरबदल के अंतर्गत प्रभारी कार्यपालन यंत्री श्री सुशील कटारे के कंधों पर भी कई बड़ी परियोजनाओं की जिम्मेदारी डाली गई है। आदेश के अनुसार श्री कटारे को उनके वर्तमान कार्यों के साथ-साथ निम्नलिखित विभागों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है:
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पी.आई.यू. (Project Implementation Unit) शाखा
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पी.एम.ई. (PME) बस सेवा प्रोजेक्ट
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पी.एम.ए.वाई. (PMAY – प्रधानमंत्री आवास योजना) परियोजना
निगम प्रशासन का रुख: नगर निगम आयुक्त श्री संघ प्रिय ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल विभिन्न शाखाओं के कार्यों में निरंतरता, पारदर्शिता और कसावट लाने के उद्देश्य से किया गया है ताकि शहर के विकास कार्य और नागरिकों से जुड़ी योजनाएं समय सीमा में और सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।



