MITS छात्रा के आत्महत्या मामले में पुलिस को मिला सुसाइड नोट, मानसिक दबाव झेल रही थी छात्रा काउंसलिंग होती तो बचाई जा सकती थी जान

MITS छात्रा के आत्महत्या मामले में पुलिस को मिला सुसाइड नोट, मानसिक दबाव झेल रही थी छात्रा काउंसलिंग होती तो बचाई जा सकती थी जान…
ग्वालियर के गोला का मंदिर थाना क्षेत्र स्थित एक हॉस्टल में मंगलवार देर रात MITS डीम्ड विश्विद्यालय की सेकेंड ईयर की छात्रा राधिका तोमर मृत मिली थी। मूल रूप से रीवा जिले की निवासी 20 वर्षीय राधिका तोमर पुत्री स्व. श्री चंद्रदीप प्रताप सिंह तोमर MITS से पढ़ाई कर रही थी और हॉस्टल में रह रही थी। घटना से कुछ देर पहले राधिका ने अपनी एक सहेली को WhatsApp पर ‘बाय’ का मैसेज भेजा था। सहेली ने तुरंत कॉल किया, लेकिन उसने कोई जवाब नहीं दिया। सहेली से मिली सूचना पर वार्डन ने कमरे की खिड़की से देखा तो राधिका अंदर फंदे पर लटकी हुई थी। सूचना पर गोला का मंदिर थाना पुलिस और FSL टीम मौके पर पहुंच गई थी। शुरुआती जांच में कमरे से फिलहाल कोई सुसाइड नोट नहीं मिलने की बात सामने आई थी लेकिन आखिरकार पुलिस के हाथ छात्रा का सुसाइड नोट भी आ गया है। सुसाइड नोट से स्पष्टतः प्रतीत होता है कि छात्रा गंभीर मानसिक दबाव से जूझता रही थी। हालांकि पुलिस ने मोबाइल और कॉल डिटेल को भी जांच में शामिल किया है। थाना TI धर्मेंद्र यादव ने बताया कि पुलिस हॉस्टल की छात्राओं और सहपाठी छात्र छात्राओं से पूछताछ करेगी और सुसाइड नोट में भी आधा दर्जन छात्र छात्राओं के नाम लिखे हैं उनसे भी पूछताछ की जाएगी।
कॉलेज प्रबंधन की, लापरवाही आई सामने…

सुसाइड नोट सामने आ जाने के बाद इस पूरे मामले में कहीं न कहीं डीम्ड विश्विद्यालय की लापरवाही की पोल खुल गई है क्योंकि संस्था में गर्ल्स स्टूडेंट ग्रीवेंस सेल, जेंडर सैंसटाइजेशन, वूमेन स्टूडेंट सेल जैसी समिति ही नहीं विशेषज्ञ महिला स्टूडेंट काउंसलर होने के बावजूद आखिर क्यों सेकंड ईयर की छात्रा की काउंसलिंग नहीं हुई यह बात कहीं न कहीं संस्था प्रबंधन की लापरवाही को दर्शाती है। यदि समय रहते इस छात्रा की काउंसलिंग की जाती तो उसे इस आत्मघाती कदम उठाने से रोका जा सकता था।
कुलगुरु पर लगे अनियमितताओं के आरोपो पर छात्रों ने एक बार फिर किया घेराव माँगा जवाब मिला ठेंगा…
बुधवार दोपहर संस्था में छात्रों ने पूर्व में कुलगुरु द्वारा की गई आर्थिक तथा प्रशासनिक अनियमितताओं को लेकर पूर्व में धरना प्रदर्शन कर दिये गए ज्ञापन पर स्पष्टीकरण को लेकर पुनः प्रदर्शन करते हुए अब तक क्या कार्रवाई की इस पर जवाब चाहा गया संतोषजनक जवाब न मिलने पर आरोपो से घिरे वीसी के विरुद्ध कुर्सी छोड़ने संबंधित नारे लगाते हुए प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने बताया कि इस दौरान वीसी कार्यालय में नंद नाम के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के माध्यम से एक अन्य छात्र द्वारा चेयरमैन ज्योतिरादित्य सिंधिया, महाआर्यमन सिंधिया को की गई शिकायती ई मेल का प्रिंट आउट दिखाते हुए छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। वहीं आज गुरुवार को पुनः छात्रों ने प्रदर्शन का आव्हान किया है।उल्लेखनीय है कि इसी कर्मचारी का विगत कुछ वर्ष पूर्व एक छात्र को एडमिशन दिलाने के नाम पर अनैतिक मांग का ऑडियो क्लिप संबंधित आवेदक छात्र द्वारा प्रसारित किया गया था यही नहीं इस कर्मचारी पर सिक्युरिटी गार्ड्स की ड्यूटी का समय बदलवाने के बदले अनैतिक मांग करने के प्रमाण भी पूर्व में सामने आ चुके हैं।



