ग्वालियर के बेला डबल मर्डर केस में अदालत का बड़ा फैसला, दो दोषियों को उम्रकैद
सात साल बाद आया बहुचर्चित हत्याकांड का फैसला

ग्वालियर के चर्चित बेला गांव डबल मर्डर मामले में जिला अदालत ने सात वर्ष बाद महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश की अदालत ने मामले में दोषी पाए गए रामसेवक कुशवाह और राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों आरोपियों को दोहरे हत्याकांड में दोषी मानते हुए कठोर दंड का आदेश दिया।
2019 में दो भाइयों की हुई थी हत्या
मामला मार्च 2019 का है, जब गिरवाई थाना क्षेत्र के बेला गांव में दो सगे भाइयों, धीरेंद्र कुशवाह और दीपू कुशवाह, के शव संदिग्ध परिस्थितियों में बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि दोनों को गोली मारकर मौत के घाट उतारा गया था। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की और बाद में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में चालान पेश किया।
वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हुए आरोप
सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट, बरामद हथियार, मोबाइल रिकॉर्ड और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया। न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए दोनों आरोपियों को हत्या का दोषी करार दिया। साथ ही राघवेन्द्र उर्फ कालू रावत को अवैध हथियार रखने के मामले में आयुध अधिनियम के तहत दो वर्ष के अतिरिक्त सश्रम कारावास और जुर्माने की सजा भी सुनाई गई। अदालत ने अपने फैसले में माना कि दोनों युवकों की मौत गोली लगने से हुई थी और यह सुनियोजित हत्या का मामला था।



