ग्वालियर में फायर ब्रिगेड का बड़ा एक्शन: लक्ष्मीबाई कॉलोनी में जांच के दौरान 5 संस्थान बंद, छात्रों को कमरे में बंद कर भागा संचालक

ग्वालियर। राजधानी लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद मध्य प्रदेश का प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। ग्वालियर नगर निगम के आयुक्त श्री संघप्रिय एवं अपर आयुक्त फायर श्री मुनीश सिकरवार के निर्देशन में फायर विभाग की टीम ने लक्ष्मीबाई कॉलोनी क्षेत्र में संचालित विभिन्न कोचिंग संस्थानों, पुस्तकालयों (लाइब्रेरी) और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में फायर सुरक्षा व्यवस्थाओं की सघन जांच का एक बड़ा अभियान चलाया। इस दौरान सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले 5 प्रमुख संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया है।
सुरक्षा मानकों में बड़ी लापरवाही, इन 5 संस्थानों पर जड़ा ताला
फायर विभाग के उपायुक्त श्री रजनीश गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई के दौरान संस्थानों में फायर सेफ्टी प्रमाण-पत्र (Fire Safety Certificate), अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता और उनकी वैधता (एक्सपायरी डेट) की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण में कई संस्थानों के पास न तो एनओसी मिली और न ही आग बुझाने के पुख्ता इंतजाम। इसके बाद टीम ने कड़ा रुख अपनाते हुए निम्नलिखित संस्थानों को सील कर बंद करने की वैधानिक कार्रवाई की:
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एस.सी.आई. कृषि संस्थान
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वरदानी कोचिंग क्लासेस
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विज्ञान पथ कोचिंग क्लासेस
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धाकड़ लाइब्रेरी
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डी.बी. फिटनेस जिम
जांच टीम को देख बच्चों को क्लास में बंद कर बाहर से लगाया ताला
निरीक्षण के दौरान ‘वरदानी कोचिंग क्लासेस’ में एक बेहद हैरान करने वाली और गंभीर अनियमितता सामने आई। जैसे ही कोचिंग संचालक को फायर विभाग की चेकिंग की भनक लगी, उसने प्रशासनिक कार्रवाई और अपनी कमियों को छिपाने के उद्देश्य से क्लासरूम में पढ़ रहे छात्रों को अंदर ही बंद कर दिया और बाहर से ताला लगा दिया। इतना ही नहीं, कुछ छात्र-छात्राओं को पकड़े जाने के डर से भवन की चौथी मंजिल (फोर्थ फ्लोर) से पड़ोस की छत के रास्ते बाहर निकालने का खतरनाक प्रयास किया जा रहा था, जिससे बच्चों की जान पर बन आई थी।
पुलिस और फायर टीम ने छात्रों को सुरक्षित निकाला, जन-सुरक्षा पर कड़ा रुख
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए मौके पर मौजूद फायर विभाग और पुलिस प्रशासन की टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला। अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए कमरे का ताला खुलवाया और खतरनाक स्थिति में फंसे सभी छात्र-छात्राओं को सुरक्षित बाहर निकाला। जांच में इस पूरी बिल्डिंग के भीतर न तो फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट पाया गया और न ही कोई सुरक्षा उपकरण। विद्यार्थियों के जीवन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने इस पूरे परिसर को तुरंत बंद करा दिया।
फायर विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि बच्चों और आम जनता की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आने वाले दिनों में भी पूरे शहर में ऐसे औचक निरीक्षण और सीलिंग की कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
कार्रवाई में शामिल प्रमुख अधिकारी: इस पूरी कार्रवाई के दौरान फायर ऑफिसर श्री उमंग प्रधान, दल प्रभारी श्री धर्मेंद्र भदौरिया, श्री निकेत यादव, श्री प्रशांत पांडे, श्री आशिक मुस्ताक, श्री आशीष तोमर, श्री दीपक शर्मा, श्री हरविलास यादव सहित भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।


