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मोहन यादव के बयान पर सियासी भूचाल: कांग्रेस का तीखा पलटवार, डॉ. भारद्वाज बोले— ‘सत्ता के घमंड में पद की गरिमा भूले मुख्यमंत्री’

भिण्ड: मध्य प्रदेश की सियासत में बयानों के तीर चलने का सिलसिला तेज हो गया है। सूबे के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (PCC चीफ) जीतू पटवारी पर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस हमलावर हो गया है। कांग्रेस प्रवक्ता और मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) के मीडिया पैनलिस्ट डॉ. अनिल भारद्वाज ने मुख्यमंत्री के इस बयान की कड़े शब्दों में भर्त्सना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता का अहंकार अब भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के सिर चढ़कर बोल रहा है, जिसके चलते वे लोकतांत्रिक और भाषाई मर्यादाओं को भूलते जा रहे हैं।

 ‘सवालों का जवाब देने के बजाय अभद्र भाषा पर उतरी भाजपा’ — कांग्रेस

डॉ. अनिल भारद्वाज ने भाजपा पर सीधा प्रहार करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री पद की एक अपनी गरिमा और प्रतिष्ठा होती है। विपक्ष के शीर्ष नेता पर निजी और व्यक्तिगत हमले करना सत्ताधारी दल की संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है। उन्होंने कहा कि पीसीसी चीफ जीतू पटवारी लगातार सड़क से लेकर सदन तक जनता के हक की आवाज बुलंद कर रहे हैं। भाजपा के पास कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे बुनियादी और कड़े सवालों का तर्कों के आधार पर कोई जवाब नहीं है, यही वजह है कि हताशा और बौखलाहट में मुख्यमंत्री अभद्र बयानबाजी पर उतर आए हैं, जो पूरी तरह से लोकतंत्र की मर्यादा के खिलाफ है।

महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की बदहाली पर घेरा

कांग्रेस प्रवक्ता ने प्रदेश की जमीनी समस्याओं को रेखांकित करते हुए कहा कि वर्तमान में मध्य प्रदेश की आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार की चौतरफा मार झेल रही है। विशेषकर प्रदेश का अन्नदाता (किसान) पिछले कई सीजन से मौसम की बेरुखी और प्राकृतिक आपदा के कारण नष्ट हुई फसलों के चलते भारी आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा है। जब इन गंभीर विषयों पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सरकार को घेरते हैं, तो मुख्यमंत्री जवाबदेही तय करने के बजाय अनर्गल टिप्पणियों का सहारा लेकर ध्यान भटकाने की कोशिश करते हैं।

सार्वजनिक माफी की मांग, सड़क से सदन तक आंदोलन की चेतावनी

भिण्ड में मीडिया से मुखातिब होते हुए कांग्रेस नेता ने पुरजोर मांग की है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव को अपने इस गैर-जिम्मेदाराना बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि कांग्रेस का एक-एक जमीनी कार्यकर्ता और पदाधिकारी अपने प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के साथ मजबूती से खड़ा है। विपक्ष इस तानाशाही रवैये को बर्दाश्त नहीं करेगा और भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों व इस अमर्यादित आचरण का करारा जवाब सड़क से लेकर विधानसभा सदन तक पुरजोर तरीके से दिया जाएगा।

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