सुशासन की नई मिसाल ‘एमपी लॉकर ऐप’: सरकारी दफ्तरों के चक्करों से मुक्ति; AI तकनीक से चुटकियों में मिलेंगे दस्तावेज और रसीदें

भोपाल: मध्य प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने “डिजिटल गवर्नेंस” और “पेपरलेस एडमिनिस्ट्रेशन” (कागज रहित प्रशासन) के संकल्प को अमलीजामा पहनाते हुए एक क्रांतिकारी कदम उठाया है। राज्य सरकार ने अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस ‘एमपी लॉकर ऐप’ (MP Locker App) को राज्य स्तरीय डिजिटल दस्तावेज प्लेटफॉर्म के रूप में आधिकारिक तौर पर स्थापित कर दिया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित यह ऐप गूगल प्ले स्टोर पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध है, जो नागरिकों के महत्वपूर्ण सरकारी अभिलेखों और प्रमाण-पत्रों को एक सुरक्षित ‘डिजिटल कवच’ प्रदान करता है।
अब तक 22 से अधिक सेवाएं शामिल, नहीं लगाने होंगे दफ्तरों के चक्कर
इस ऐप के आ जाने से नागरिकों को अपने दस्तावेजों के लिए अब नगर निगम या अन्य सरकारी दफ्तरों की चौखट पर नहीं जाना पड़ेगा। वर्तमान में इस प्लेटफॉर्म पर eNP, ABPAS और भोपाल नगर निगम से जुड़ी 22 से अधिक प्रमुख नागरिक केंद्रित सेवाएं लाइव कर दी गई हैं, जिनमें शामिल हैं:
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कर संबंधी रसीदें: संपत्ति कर (Property Tax) और जल कर (Water Tax) की रसीदें।
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लाइसेंस और प्रमाण-पत्र: व्यापार अनुज्ञप्ति (Trade License), विवाह प्रमाण-पत्र, और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) प्रमाण-पत्र।
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भवन व संपत्ति सेवाएं: भवन अनुज्ञा (Building Permission) और संपत्ति का नामांतरण (Mutation)।
ऐप की दो सबसे बड़ी खूबियां: AI सर्च और एक्सपायरी अलर्ट
एमपी लॉकर ऐप की तकनीकी बनावट इसे बेहद खास और देश के अन्य डिजिटल लॉकर्स से अलग बनाती है। इसके मुख्य आकर्षण निम्नलिखित हैं:
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स्वचालित दस्तावेज़ खोज (Auto Document Detection): इस ऐप में यूजर को अपना कोई भी दस्तावेज ढूंढने के लिए जटिल सर्च प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ता। ऐप उपभोक्ता के पंजीकृत (रजिस्टर्ड) मोबाइल नंबर का उपयोग करके उससे जुड़े सभी सरकारी दस्तावेजों की स्वतः पहचान कर लेता है और उन्हें स्क्रीन पर दिखा देता है।
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वैधता समाप्ति चेतावनी (Expiry Alert System): यदि नागरिक का कोई सरकारी लाइसेंस, परमिट या दस्तावेज एक्सपायर (वैधता समाप्त) होने वाला है, तो यह ऐप समय रहते यूजर को ऑटोमैटिक रिमाइंडर या नोटिफिकेशन भेजकर सचेत कर देगा, ताकि समय पर उसका रिन्यूअल (नवीनीकरण) कराया जा सके।
समय और पैसे की भारी बचत: 80% तक घटीं भौतिक यात्राएं
प्रशासनिक दक्षता में सुधार: इस डिजिटल नवाचार के लागू होने के बाद से आम जनता और प्रशासन दोनों के समय में बड़ी बचत देखी गई है। आंकड़ों के अनुसार, नागरिकों की सरकारी कार्यालयों तक होने वाली 70 से 80 प्रतिशत फिजिकल विजिट (भौतिक यात्राएं) कम हो गई हैं। जिस सरकारी दस्तावेज को हासिल करने में पहले हफ्तों का समय लग जाता था, वह अब महज कुछ सेकंड्स में मोबाइल स्क्रीन पर उपलब्ध हो जाता है।
भाषाई बाधाएं दूर करेगा ‘भाषिनी’ प्लेटफॉर्म; भविष्य में आएगा ‘एंटीटी लॉकर’
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बहुभाषीय सहयोग: ऐप को समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से इसे भारत सरकार के प्रसिद्ध “भाषिनी” (Bhashini) प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से ऐप में विभिन्न भारतीय भाषाओं का सपोर्ट मिलता है, जिससे भाषाई बाधा पूरी तरह खत्म हो गई है।
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भविष्य का रोडमैप: अगले चरणों में इस ऐप के दायरे को बढ़ाते हुए केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों की लोक-सेवाओं को भी इससे एकीकृत (इंटीग्रेट) किया जाएगा।
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व्यापारियों के लिए ‘एंटीटी लॉकर’: इसके अलावा, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, स्टार्टअप्स और बड़े उद्योगों के लिए जल्द ही “एंटीटी लॉकर” (Entity Locker) की विशेष सुविधा जोड़ी जाएगी, जिससे कंपनियां अपने कमर्शियल और लीगल डॉक्युमेंट्स को पूरी सुरक्षा के साथ इस डिजिटल प्लेटफॉर्म पर मैनेज कर सकेंगी।




