माधोगंज पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल: पत्रकार से मारपीट, FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ…
बाइक खड़ी करने के विवाद में चाकू-डंडे से हमला, भाई के सिर में गंभीर चोट; पीड़ित बोला - धमका रहे हैं "पुलिस हमारी जेब में"....

माधोगंज पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल: पत्रकार से मारपीट, FIR के बाद भी आरोपी बेखौफ…
बाइक खड़ी करने के विवाद में चाकू-डंडे से हमला, भाई के सिर में गंभीर चोट; पीड़ित बोला – धमका रहे हैं “पुलिस हमारी जेब में”….
ग्वालियर। माधोगंज थाना क्षेत्र के गुड़ा-गुड़ी का नाका, नादरिया माता, फौजी कॉलोनी में बाइक खड़ी करने के मामूली विवाद ने हिंसक मारपीट का रूप ले लिया। पत्रकार और उसके परिवार के साथ हुई इस घटना में FIR दर्ज होने के 24 घंटे बाद भी एक भी गिरफ्तारी न होने से पुलिस की कार्यप्रणाली और थाना प्रभारी की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
FIR में चार नामजद, धमकी का भी आरोप…
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 14 सितंबर शाम 4:40 बजे फरियादी यश सूर्यवंशी पुत्र राजेश सूर्यवंशी (निवासी – फौजी कॉलोनी) अपनी पत्नी के साथ बाजार से लौटे थे। घर के सामने बाइक खड़ी करने को लेकर पड़ोस के कालू यादव, मोहित उर्फ छोटू यादव, नमन यादव और गौरव यादव से विवाद हुआ। आरोप है कि चारों ने एक राय होकर फरियादी और उनकी पत्नी से गाली-गलौज की और मारपीट शुरू कर दी।

बीच-बचाव करने आए फरियादी के बड़े भाई हर्ष सूर्यवंशी के साथ भी डंडे और लात-घूसों से मारपीट की गई, जिससे उनके सिर सहित शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। शिकायत में आरोपियों द्वारा “पुलिस में रिपोर्ट की तो जान से खत्म कर देंगे” की धमकी देने का भी उल्लेख है।
इस मामले में थाना माधोगंज में FIR क्र. 0245/2026 धारा 115(2), 296(b), 3(5), 351(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच प्र.आर. योगेन्द्र प्रताप सिंह जादौन को सौंपी गई है।
FIR तक सीमित कार्रवाई, गिरफ्तारी नहीं
फरियादी पक्ष का आरोप है कि नामजद FIR और मेडिकल रिपोर्ट (MLC) के बाद भी पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी, कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। आरोपी घटना के बाद भी इलाके में खुलेआम घूम रहे हैं।
फरियादी स्वयं पत्रकार (कोषाध्यक्ष – म.प्र. श्रमजीवी पत्रकार संघ) है। ऐसे में सवाल उठना लाजमी है कि जब एक पत्रकार को अपने घर के सामने न्याय के लिए जूझना पड़ रहा है, तो आम आदमी की स्थिति क्या होगी?
इन सवालों का जवाब दे, माधोगंज पुलिस…
1. नामजद FIR के बाद भी अब तक गिरफ्तारी क्यों नहीं?
2. पीड़ितों की MLC में सिर में गंभीर चोट के बाद भी धारा 109 (हत्या का प्रयास) क्यों नहीं जोड़ी गई?
3. क्या थाना स्तर पर मामले को कमजोर करने का प्रयास हो रहा है?
फिलहाल पुलिस का कहना है कि जांच जारी है। वहीं पत्रकार संगठनों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और जल्द ही SP ग्वालियर से मिलकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की जाएगी।




