ग्वालियर में महिला को APK भेजकर ₹81,700 ठगे: AC की शिकायत के लिए कस्टमर केयर का नंबर किया था सर्च

ग्वालियर में एसी से पानी टपकने की शिकायत पर सर्विस कराने के लिए महिला ने इंटरनेट पर ‘वोल्टास कस्टमर केयर’ नंबर सर्च किया। सर्च के दौरान मिले फर्जी नंबर पर कॉल करने पर ठग ने खुद को कंपनी का कस्टमर केयर बताया।
इसके बाद कस्टमर की डिटेल भरने के नाम पर व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजी। महिला ने फाइल ओपन की तो मोबाइल में मालवेयर डाउनलोड हो गया। इसके कुछ दिन बाद उनके बैंक खाते से ₹81,700 ट्रांसफर हो गए।
घटना 24 जुलाई 2026 की शाम थाटीपुर के एम ब्लॉक की है। ठगी का पता चलने पर महिला ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके आधार पर मंगलवार (15 सितंबर) को थाटीपुर थाना पुलिस ने ई-जीरो FIR दर्ज की है।
थाटीपुर थाना क्षेत्र के एम ब्लॉक शासकीय क्वार्टर निवासी 50 वर्षीय सुगंति भगत पत्नी कोमलराम भगत के घर लगे एसी से 24 जुलाई को पानी टपक रहा था। कूलिंग भी कम हो रही थी। इसी सीजन में उन्होंने वोल्टास कंपनी का नया एसी खरीदा था।
सर्विस कराने के लिए महिला ने इंटरनेट पर ‘वोल्टास कस्टमर केयर’ सर्च कर एक नंबर पर कॉल किया। कॉल उठाने वाले ने खुद को कंपनी का कस्टमर केयर बताया और कहा कि सर्विस इंजीनियर जल्द ही उनसे संपर्क करेगा।
कुछ देर बाद अनजान नंबर से महिला के पास कॉल आया। कॉलर ने कहा कि एसी टेक्नीशियन भेजने से पहले एडवांस पेमेंट करना होगा। प्रोसेस पूरा करने के लिए उसने व्हाट्सएप पर APK फाइल का लिंक भेजा। महिला ने झांसे में आकर फाइल ओपन कर दी। इसके बाद मोबाइल में मालवेयर एप डाउनलोड हो गया और ठगों को फोन का एक्सेस मिल गया।
फाइल ओपन करने के बाद 30 जुलाई को महिला के बैंक खाते से UPI के जरिए ₹81,700 किसी अज्ञात व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हो गए। मोबाइल पर पैसे कटने का मैसेज देखते ही महिला को ठगी का पता चला। उन्होंने तुरंत बैंक पहुंचकर अपना खाता ब्लॉक कराया। इसके बाद नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई।
साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के आधार पर मंगलवार (15 सितंबर) को थाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ धोखाधड़ी और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस की साइबर टीम उस बैंक खाते की जानकारी जुटा रही है, जिसमें महिला के ₹81,700 ट्रांसफर हुए हैं।
थाटीपुर थाना प्रभारी विपेंद्र सिंह चौहान ने बताया, “एक महिला से कस्टमर केयर के नाम पर फर्जी APK फाइल के जरिए ऑनलाइन साइबर ठगी की वारदात हुई है। मामला दर्ज कर लिया गया है। जिन खातों में पैसा गया है, उनकी जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों तक पहुंचा जाएगा।




