ग्वालियर में फर्जी दस्तावेजों से 2.80 लाख की नौकरी हासिल करने का आरोप, पूर्व ग्रुप CEO कानपुर से गिरफ्तार

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र और बैंक स्टेटमेंट के जरिए नौकरी हासिल करने के आरोप में ऑटोमोबाइल कंपनी के पूर्व ग्रुप सीईओ देवेंद्र कुमार दुबे को कानपुर से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने खुद को लैंडमार्क ग्रुप का पूर्व कर्मचारी बताते हुए वहां से 2 लाख 80 हजार 670 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने का फर्जी दस्तावेज तैयार किया था। इसी आधार पर उसे ऑटोमोबाइल कंपनी में ऊंचे पद पर नौकरी मिली थी।
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मिली ऊंचे पद की नौकरी
क्राइम ब्रांच के मुताबिक देवेंद्र दुबे ने लैंडमार्क ग्रुप में काम करने का फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगाया था। इसके अलावा अधिक वेतन पैकेज हासिल करने के लिए उसने लैंडमार्क ग्रुप के नाम से 2,80,670 रुपये प्रतिमाह वेतन मिलने का कथित फर्जी बैंक स्टेटमेंट भी तैयार किया। पुलिस का कहना है कि इस दस्तावेज पर आरोपी के स्वयं के हस्ताक्षर थे।
इन दस्तावेजों के आधार पर अगस्त 2025 में उसे श्रीतुलजा भवानी ऑटोमोबाइल्स प्राइवेट लिमिटेड में ग्रुप वाइस प्रेसिडेंट के पद पर नौकरी मिली। कंपनी अनंत टोयोटा के नाम से संचालित होती है। बाद में उसकी कार्यक्षमता को देखते हुए उसे ग्रुप सीईओ (ऑफ्टर सेल्स) का प्रभार भी सौंपा गया।
इस्तीफे के बाद फाइनल सेटलमेंट में खुला फर्जीवाड़ा
मई 2026 में देवेंद्र दुबे ने अचानक नौकरी से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद कंपनी में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट की प्रक्रिया शुरू हुई और इस दौरान उसके दस्तावेजों का सत्यापन कराया गया। कंपनी प्रबंधन ने लैंडमार्क ग्रुप से उसके पुराने रोजगार को लेकर जानकारी मांगी।
पुलिस के अनुसार, सत्यापन में पता चला कि देवेंद्र दुबे ने लैंडमार्क ग्रुप में कभी नौकरी ही नहीं की थी। इसके बाद कंपनी के एचआर मैनेजर ने प्रबंधन को पूरे मामले की जानकारी दी और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई गई।
अगस्त में मामला दर्ज, कानपुर से पकड़ा गया आरोपी
शिकायत के आधार पर क्राइम ब्रांच ने अगस्त 2026 में देवेंद्र कुमार दुबे के खिलाफ धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने के आरोप में मामला दर्ज किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि आरोपी कानपुर में छिपा हुआ है। इसके बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने वहां दबिश देकर उसे गिरफ्तार कर लिया। सोमवार को पुलिस आरोपी को ग्वालियर लेकर पहुंची।
क्राइम ब्रांच थाना प्रभारी अमित शर्मा के अनुसार, आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कथित फर्जी दस्तावेज उसने कहां तैयार कराए और इस मामले में उसके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।




