गोहद उप जेल में मारपीट और पैसों की मांग के आरोप, रिहा बंदी ने जांच की उठाई मांग
जमानत पर रिहा होने के बाद लगाए गंभीर आरोप

भिंड। गोहद उप जेल से जमानत पर रिहा हुए एक युवक ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालनपुर थाना क्षेत्र के एक मारपीट मामले में न्यायालय के आदेश पर 21 जुलाई को जेल भेजे गए धीरू गुर्जर का आरोप है कि जेल में प्रवेश के बाद उससे अवैध रूप से पैसों की मांग की गई और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
मेडिकल परीक्षण के बाद थाने में दर्ज कराई शिकायत
धीरू गुर्जर के अनुसार, जेल कर्मियों ने उससे ₹50 हजार की मांग की थी। आरोप है कि रकम नहीं देने पर उसके साथ लाठी-डंडों से मारपीट की गई। 23 जुलाई को जमानत पर रिहा होने के बाद उसने परिजनों को पूरी घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गोहद पहुंचा, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया गया। बाद में उसने गोहद थाने में शिकायत देकर निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जेल प्रशासन ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, गोहद उप जेल के जेलर शिवपाल सिंह परौदिया ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि बंदियों की नियमित गिनती के दौरान धीरू गुर्जर निर्धारित लाइन में बैठने के बजाय अलग खड़ा था। कई बार समझाने के बावजूद उसने सहयोग नहीं किया और अभद्र व्यवहार करने लगा। जेल प्रशासन के अनुसार अनुशासन बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की गई थी। जेलर ने पैसों की मांग के आरोपों को भी निराधार बताते हुए कहा कि यदि ऐसे आरोप सही हैं तो संबंधित व्यक्ति साक्ष्य प्रस्तुत करे।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस और प्रशासनिक जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।



