ग्वालियर पुलिस को मिले 650 ई-विवेचना टैबलेट: क्राइम सीन से ही ऑनलाइन दर्ज होगी केस डायरी; आईजी अरविंद कुमार सक्सेना ने बांटे डिजिटल डिवाइस

ग्वालियर। मध्य प्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल की महत्वाकांक्षी डिजिटल पुलिसिंग योजना के तहत ग्वालियर पुलिस अब पूरी तरह हाईटेक होने जा रही है। पुलिस विभाग को आधुनिक, तकनीक-सक्षम और पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से ग्वालियर जिले के विवेचना अधिकारियों (Investigating Officers) को कुल 650 ई-विवेचना टैबलेट प्रदाय किए गए हैं।
शनिवार (27 जून 2026) को पुलिस कंट्रोल रूम ग्वालियर के सभागार में आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण एवं वितरण कार्यक्रम के दौरान पुलिस महानिरीक्षक (IG) ग्वालियर जोन, श्री अरविन्द कुमार सक्सेना (IPS) द्वारा ये ई-टैबलेट्स जिले के समस्त सीएसपी, एसडीओपी, थाना प्रभारियों और विवेचना अधिकारियों को वितरित किए गए।
“घटनास्थल से ही ऑनलाइन होगी विवेचना, बढ़ेगी पारदर्शिता और गति” — आईजी
कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए आईजी श्री अरविन्द कुमार सक्सेना ने तकनीक आधारित पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया:
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क्राइम सीन पर ही तैयार होगी डिजिटल डायरी: आईजी ने बताया कि अब विवेचना अधिकारियों को कागजी कार्रवाई के लिए थाने लौटने का इंतजार नहीं करना होगा। वे घटनास्थल पर ही टैबलेट के माध्यम से आवश्यक जानकारी दर्ज कर सकेंगे, दस्तावेज अपलोड कर सकेंगे और केस डायरी तैयार कर सकेंगे।
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सख्त मॉनिटरिंग के निर्देश: उन्होंने सभी सीएसपी और एसडीओपी को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ थानों में ई-विवेचना की नियमित समीक्षा करें। प्रत्येक विवेचना अधिकारी को इस टैबलेट का नियमित उपयोग करना अनिवार्य होगा ताकि वे तकनीक में पूरी तरह दक्ष हो सकें। डिजिटल संधारण से कागजी काम कम होगा और अदालती साक्ष्य सुरक्षित रहेंगे।
डिजिटल पुलिसिंग समय की मांग, पीड़ितों को मिलेगा त्वरित न्याय — एसएसपी
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) ग्वालियर श्री धर्मवीर सिंह (IPS) ने कहा कि बदलते समय के साथ अपराधों के तौर-तरीके बदले हैं, इसलिए डिजिटल पुलिसिंग अब समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है:
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जवाबदेही होगी तय: एसएसपी ने कहा कि ई-विवेचना टैबलेट पुलिसिंग को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और उत्तरदायी (Accountable) बनाएगा।
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विलंब होगा समाप्त: जब घटनास्थल से ही साक्ष्य और फोटो-वीडियो डिजिटल माध्यम से तत्काल सर्वर पर अपलोड होंगे, तो जांच में होने वाला अनावश्यक विलंब पूरी तरह समाप्त हो जाएगा, जिससे पीड़ितों को समय पर न्याय मिल सकेगा।
इन वरिष्ठ अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ग्वालियर जिले के कई आला अधिकारी मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से:
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श्रीमती सुमन गुर्जर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – पश्चिम/अपराध)
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श्री जयराज कुबेर (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – ग्रामीण)
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डॉ. शिवेश सिंह बघेल (अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक – पूर्व)
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सहित जिले के सभी सीएसपी, एसडीओपी और थाना प्रभारी शामिल थे।
सीसीटीएनएस (CCTNS) विंग ने दिया तकनीकी प्रशिक्षण
टैबलेट वितरण के साथ ही पुलिस अधिकारियों को इसके व्यावहारिक संचालन के लिए विशेष ट्रेनिंग भी दी गई। सीसीटीएनएस शाखा के तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा ई-विवेचना एप्लीकेशन के उपयोग, डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन (Digital Document Management) और ऑनलाइन प्रविष्टियों के संबंध में पुलिस अधिकारियों को बारीकी से प्रशिक्षित किया गया।
ई-विवेचना टैबलेट की 4 प्रमुख विशेषताएं
| विशेषता | कार्यप्रणाली और लाभ |
| 1. डिजिटल केस डायरी | विवेचना अधिकारी मौके पर ही केस डायरी तैयार कर ऑनलाइन प्रपत्रों की प्रविष्टि कर सकेंगे। |
| 2. डिजिटल साक्ष्य संकलन | घटनास्थल के फोटो, वीडियो और अन्य महत्वपूर्ण डिजिटल सबूतों को मौके से ही सुरक्षित सर्वर पर अपलोड किया जा सकेगा। |
| 3. रियल-टाइम अपडेट | ई-विवेचना ऐप के जरिए जांच की हर प्रगति और लाइव अपडेट्स सीधे पुलिस मुख्यालय के मुख्य सर्वर पर रियल-टाइम में सिंक होंगे। |
| 4. त्वरित एवं पारदर्शी जांच | इस डिजिटल व्यवस्था से जांच में गति आएगी, मानवीय हेरफेर की गुंजाइश खत्म होगी और न्यायालयीन प्रक्रिया के लिए रिकॉर्ड पूरी तरह सुव्यवस्थित रहेगा। |
ग्वालियर पुलिस का डिजिटल संकल्प: इस ऐतिहासिक तकनीकी बदलाव के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि ग्वालियर पुलिस की कार्यप्रणाली में एक उल्लेखनीय और सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा, जिससे आम जनता का पुलिसिया जांच पर भरोसा और मजबूत होगा।



