डबरा पहुंचे ‘गौ सम्मान आवाहन अभियान’ के प्रतिनिधि, मध्य प्रदेश में शुरू हुई दूसरे चरण की तैयारी

ब्यूरो, डबरा
देश में गौवंश के संरक्षण, संवर्धन और उन्हें उचित सम्मान दिलाने के उद्देश्य से राष्ट्रीय स्तर पर चलाया जा रहा ‘गौ सम्मान आवाहन अभियान’ अब अपने अगले और दूसरे महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर चुका है। उत्तर प्रदेश की पावन ब्रजभूमि से शुरू हुए इस महाअभियान के पहले चरण की ऐतिहासिक सफलता के बाद अब अभियान की केंद्रीय टीम मध्य प्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग के प्रवास पर है। इसी कड़ी में अभियान के मुख्य प्रतिनिधि डबरा पहुंचे, जहां स्थानीय गौभक्तों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। प्रतिनिधियों ने यहाँ मीडिया से बातचीत करते हुए आगामी कार्ययोजना की विस्तृत रूपरेखा साझा की।
पहले चरण में बना रिकॉर्ड, सौंपे गए 5.25 करोड़ से अधिक हस्ताक्षर
अभियान के राष्ट्रीय प्रतिनिधि राम शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा दिलाने के संकल्प के साथ करीब आठ महीने पहले ब्रजभूमि से इस मुहिम का शंखनाद किया गया था। प्रथम चरण के तहत देश के सभी 36 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों के 790 जिलों और 5,410 तहसीलों से भारत सरकार को विधिवत प्रार्थना पत्र भेजे गए।
बड़ी उपलब्धि: देश के संत समाज द्वारा इस मुहिम के लिए 5 करोड़ हस्ताक्षरों (Signatures) का संकल्प लिया गया था। लेकिन देशव्यापी जनसमर्थन के चलते लक्ष्य से अधिक, यानी करीब सवा 5 करोड़ (5.25 करोड़) से ज्यादा हस्ताक्षर देश के कोने-कोने से एकत्रित किए गए। इन सभी मांग पत्रों और हस्ताक्षरों को बीते 27 अप्रैल 2026 को भारत सरकार को सौंप दिया गया है।
ग्वालियर-चंबल संभाग में जनसंपर्क तेज, डबरा में दिखा भारी उत्साह
राम शर्मा ने बताया कि बीते 23 मई से अभियान की टीम लगातार ग्वालियर-चंबल संभाग के अलग-अलग शहरों, कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों का सघन दौरा कर रही है। इस प्रवास का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों, गौसेवकों, प्रबुद्ध वर्ग और सामाजिक संगठनों को इस पावन मुहिम से जोड़कर एक मजबूत कतार खड़ी करना है। डबरा आगमन पर क्षेत्र के स्थानीय गौ प्रेमियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं में इस अभियान को लेकर जबरदस्त उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
द्वितीय चरण का लक्ष्य: राष्ट्रमाता का दर्जा और व्यापक जनजागरण
प्रतिनिधियों के मुताबिक, अभियान के इस दूसरे चरण में गौ संरक्षण और संवर्धन की अलख जगाने के लिए जमीनी स्तर पर जनजागरण कार्यक्रमों को और अधिक आक्रामक और व्यापक रूप दिया जाएगा। गाँव-गाँव और शहर-शहर में गोष्ठियों व चेतना सभाओं का आयोजन किया जाएगा। अभियान की टीम ने समाज के सभी वर्गों, युवाओं और माताओं-बहनों से अपील की है कि वे अपनी आस्था और देश की सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा के लिए इस राष्ट्रीय मुहिम में बढ़-चढ़कर अपनी सहभागिता दर्ज कराएं।



