पौने छह साल की कृतिका की प्रतिभा ने खींचा सबका ध्यान

मध्यप्रदेश के मुरैना की केशव कॉलोनी में रहने वाली कृतिका उपाध्याय अपनी असाधारण प्रतिभा को लेकर चर्चा में है। करीब पौने छह साल की कृतिका को संस्कृत के श्लोकों, वेद-पुराणों और धार्मिक ग्रंथों की अच्छी जानकारी है। खबर के मुताबिक, वह बिना किसी औपचारिक प्रशिक्षण के नाड़ी देखकर दिल, फेफड़ों और किडनी की स्थिति बताने का दावा करती है। उसकी प्रतिभा को देखकर कई संतों और चिकित्सकों ने भी आश्चर्य जताया है।
हृदय रोग विशेषज्ञ के सामने नाड़ी देखकर बताई स्थिति
मुरैना में आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर के दौरान कृतिका ने दिल्ली के जीबी पंत अस्पताल के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. युसुफ जमाल के सामने एक मरीज की नाड़ी देखकर उसके हृदय की कार्यक्षमता के बारे में जानकारी दी। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, बाद में जांच में उसकी बताई बात सही पाई गई। ग्वालियर के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. पुनीत रस्तोगी और अरविंदो मेडिकल कॉलेज समूह के चेयरमैन डॉ. विनोद भंडारी ने भी कृतिका के ज्ञान की प्रशंसा की है। हालांकि, नाड़ी देखकर बीमारी पहचानने की क्षमता को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र वैज्ञानिक पुष्टि का विवरण रिपोर्ट में नहीं दिया गया है।
कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहती है कृतिका
कृतिका का जन्म वर्ष 2021 में महाशिवरात्रि के दिन हुआ था। वह भविष्य में हृदय रोग विशेषज्ञ बनना चाहती है। रिपोर्ट के अनुसार, उसे धार्मिक ग्रंथों और संस्कृत के श्लोकों में भी रुचि है। फरवरी में मुरैना के करह आश्रम में आयोजित सियपिय मिलन समारोह के दौरान उसने महामंडलेश्वर राघवाचार्य के सामने श्लोकों का उच्चारण किया था, जिसे सुनकर उन्होंने आश्चर्य जताया। बताया जाता है कि कृतिका नाड़ी दिखाने आने वाले लोगों से पूजा-पाठ और मंदिर में सेवा के बारे में भी पूछती है तथा सेवा करने की सलाह देती है।



