फ़ौती नामांतरण आदेश पर अमल न करना भारी पड़ा

भितरवार। तहसीलदार न्यायालय द्वारा पारित फ़ौती नामांतरण आदेश पर समय पर अमल न करने और शासकीय दायित्वों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने पर भितरवार के पटवारी श्री प्रमोद यादव के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) भितरवार श्री राजीव समाधिया ने उनकी दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का दंड दिया है। साथ ही इस दंडादेश को उनकी सेवा पुस्तिका में दर्ज करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार ग्राम घाटमपुर निवासी बॉबी रावत ने शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसीलदार न्यायालय द्वारा पारित फ़ौती नामांतरण आदेश का राजस्व अभिलेखों में समय पर अमल नहीं किया गया। शिकायत में आदेश पर अमल के एवज में राशि की मांग किए जाने का भी आरोप लगाया गया था। मामले में विधिवत कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर पटवारी का पक्ष लिया गया। नोटिस के जवाब एवं उपलब्ध अभिलेखों के परीक्षण के बाद यह पाया गया कि पटवारी प्रमोद यादव ने शासकीय कार्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती, जो मध्यप्रदेश सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के प्रावधानों का स्पष्ट उल्लंघन है।
इन तथ्यों के आधार पर अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) श्री समाधिया ने मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पटवारी की दो वार्षिक वेतनवृद्धियां असंचयी प्रभाव से रोकने का आदेश जारी किया है।



