ग्वालियर में बिना अनुमति रैली-जुलूस और प्रदर्शन पर रोक: कलेक्टर रुचिका चौहान ने लागू की धारा-163; 2 महीने तक रहेगा प्रतिबंध

ग्वालियर। आगामी धार्मिक त्योहारों, सामाजिक, शासकीय और राजनीतिक कार्यक्रमों के मद्देनजर ग्वालियर जिले में शांति, कानून-व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। ग्वालियर कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट श्रीमती रुचिका चौहान ने ‘भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023’ की धारा-163 (पूर्ववर्ती सीआरपीसी की धारा-144) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर दिया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और आगामी दो महीने (60 दिन) तक पूरे जिले में प्रभावशील रहेगा।
बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के नहीं होंगे सार्वजनिक कार्यक्रम
जारी आदेश के मुताबिक, ग्वालियर जिले की राजस्व सीमा के भीतर किसी भी सार्वजनिक स्थान पर कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले आयोजनों पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। यदि कोई संगठन या समूह कार्यक्रम करना चाहता है, तो उसे पहले अनुमति लेनी होगी:
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एसडीएम (SDM) से अनुमति: यदि कोई धरना, प्रदर्शन, रैली, जुलूस या चल समारोह किसी एक अनुविभाग (सब-डिवीजन) की सीमा के भीतर होना है, तो संबंधित अनुविभागीय दण्डाधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
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एडीएम (ADM) से अनुमति: यदि प्रस्तावित कार्यक्रम या रैली एक से अधिक अनुविभागों (क्षेत्रों) को प्रभावित करती है, तो इसके लिए अपर जिला दण्डाधिकारी से लिखित में एडवांस परमिशन लेनी होगी।
सोशल मीडिया पर अफवाह और भ्रामक संदेश फैलाने वालों पर होगी सख्त निगरानी
आदेश में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के दुरुपयोग को लेकर सख्त हिदायत दी गई है:
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आपत्तिजनक सामग्री पर रोक: फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स (ट्विटर) या अन्य किसी भी डिजिटल माध्यम से ऐसी किसी भी सामग्री, फोटो, वीडियो या टेक्स्ट का प्रसारण पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा जिससे किसी धर्म, जाति या संप्रदाय की भावनाएं आहत होती हों।
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प्रशासनिक निगरानी: भ्रामक, भड़काऊ अथवा अफवाहपूर्ण संदेशों को फॉरवर्ड करने वालों पर साइबर सेल और स्थानीय पुलिस सतत निगरानी रखेगी।
बाजारों और मॉल की सुरक्षा सर्वोपरि, उल्लंघन करने पर दर्ज होगी FIR
जिला प्रशासन ने यह कदम प्रमुख बाजारों, मॉल, मुख्य मार्गों और अत्यधिक भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में आम जनजीवन को सुरक्षित रखने, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने और लोक संपत्ति (सरकारी व निजी संपत्ति) को नुकसान से बचाने के लिए उठाया है।
कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने स्पष्ट लहजे में चेतावनी दी है कि इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करने वाले या बिना अनुमति भीड़ जुटाने वाले तत्वों के खिलाफ ‘भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023’ की धारा 223 (सरकारी लोक सेवक के आदेश की अवज्ञा) सहित अन्य सुसंगत और प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत तत्काल एफआईआर (FIR) दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, विशेष और अपरिहार्य परिस्थितियों में सक्षम प्राधिकारी द्वारा गहन परीक्षण के बाद आवश्यक छूट दी जा सकेगी।



