लोकल न्यूज़

मुरैना में खाकी पर दाग: ‘पैसे दो या जेल जाओ!’ रिश्वत मांगते एएसआई का कथित वीडियो वायरल; एसपी ने तुरंत किया सस्पेंड

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से पुलिस की कार्यप्रणाली और ईमानदारी पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ सबलगढ़ थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) रामबाबू निबोरिया का एक कथित रिश्वत मांगते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एएसआई जमानत देने के बदले आरोपियों से सीधे तौर पर पैसों की डिमांड करते नजर आ रहे हैं। इस डिजिटल सबूत के सामने आते ही मुरैना पुलिस अधीक्षक (SP) ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है और आरोपी एएसआई को तत्काल प्रभाव से निलंबित (सस्पेंड) कर उनके खिलाफ विभागीय जांच के कड़े आदेश जारी कर दिए हैं।

 पानी के मामूली विवाद में दर्ज हुआ था केस, थाने में शुरू हुआ ‘वसूली का खेल’

मिली जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद सबलगढ़ क्षेत्र के एक गांव में पानी के रिंग (रिंगा) को लेकर शुरू हुआ था। इस मामूली विवाद में मनीष माहौर सहित कुछ अन्य लोगों के खिलाफ थाने में मारपीट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। नियमानुसार, कम सजा वाली धाराओं में आरोपियों को थाने से ही मुचलके या नोटिस पर छोड़ने का प्रावधान है। आरोप है कि जब आरोपी पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत नोटिस पर रिहाई की औपचारिकता पूरी करने सबलगढ़ थाने पहुंचा, तो वहां जांच अधिकारी एएसआई रामबाबू निबोरिया ने उन्हें डराना और सौदेबाजी करना शुरू कर दिया।

 ‘या तो पैसे दो, या फिर जेल जाओ’— पीड़ित ने चुपके से रिकॉर्ड कर लिया वीडियो

पीड़ित पक्ष का आरोप है कि एएसआई निबोरिया ने उन्हें सीधे शब्दों में धमकी देते हुए कहा, “या तो जेल जाने के लिए तैयार रहो या फिर यहीं पैसे देकर सीधे अपने घर जाओ।” एएसआई की इस अवैध मांग और बदसलूकी को भांपते हुए शिकायतकर्ता ने सूझबूझ दिखाई और मोबाइल से इस पूरी बातचीत और सौदेबाजी का एक गुप्त वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। काम होने के बाद पीड़ित ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया, जो देखते ही देखते इंटरनेट पर आग की तरह फैल गया और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया।

 एसपी धर्मराज मीणा का कड़ा एक्शन, स्वतंत्र जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई

वीडियो के वायरल होते ही मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने मामले का स्वतः संज्ञान लिया। उन्होंने प्रथम दृष्टया एएसआई के आचरण को पुलिस नियमावली के खिलाफ और बेहद गंभीर मानते हुए रामबाबू निबोरिया को लाइन हाजिर करते हुए सस्पेंड कर दिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो की अभी स्वतंत्र तकनीकी (फॉरेंसिक) जांच होना बाकी है। विभागीय जांच की रिपोर्ट आने और पुख्ता सबूतों के आधार पर आरोपी एएसआई के खिलाफ सेवा से बर्खास्तगी या एफआईआर जैसी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर थानों में होने वाली वीआईपी वसूली और जवाबदेही को लेकर बहस छेड़ दी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!