भिंड में खाकी शर्मसार: भैंस व्यापारी ने दो पुलिस आरक्षकों पर लगाया ₹3.50 लाख हड़पने और बेरहमी से पीटने का आरोप, ASP ने दिए जांच के आदेश

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में पुलिस महकमे को कटघरे में खड़ा करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहाँ सिटी कोतवाली में तैनात दो आरक्षकों (कांस्टेबलों) पर एक भैंस व्यापारी ने बीच सड़क और थाने के अंदर बेरहमी से मारपीट करने और व्यापार के ₹3.50 लाख हड़पने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़ित व्यापारी ने इस कथित लूट और प्रताड़ना के खिलाफ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) को शिकायती आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एएसपी ने नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) को जांच सौंपकर दोषियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
आगरा से भैंस बेचकर लौट रहे थे व्यापारी, आधी रात को गश्ती पुलिस ने रोका
शिकायत के अनुसार, गोहद थाना क्षेत्र के किथौली गांव के रहने वाले भैंस व्यापारी कासिम खान (पुत्र कल्लू खान) ने बताया कि वह मवेशियों की खरीद-बिक्री का कारोबार करते हैं। बीते 5 जुलाई को वह अपनी लोडिंग गाड़ी में भैंसें लादकर उत्तर प्रदेश के आगरा गए थे। वहां मवेशी बेचने के बाद 7 जुलाई 2026 की रात करीब 1 बजे वह अपने चालक राजू और साथी गुलाम के साथ गाड़ी से भिंड वापस लौट रहे थे। इसी दौरान शहर के मुख्य बाजार में जोधपुर मिष्ठान भंडार के सामने गश्त कर रहे आरक्षक गौरव तोमर और आनंद त्रिपाठी ने उनकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया।
बीच सड़क गाली-गलौज और कोतवाली ले जाकर मारपीट का आरोप, जेब से निकाले पैसे
पीड़ित कासिम खान का आरोप है कि गाड़ी रोकते ही दोनों आरक्षकों ने बिना किसी वजह के गाली-गलौज शुरू कर दी और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट की। इसके बाद दोनों आरक्षक व्यापारी को जबरन सिटी कोतवाली थाने ले गए और वहां भी लॉकअप के आसपास उनके साथ दोबारा बेरहमी से मारपीट की गई। व्यापारी का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने पहले उनसे अवैध रूप से पैसों की मांग की, जिस पर डरकर कासिम ने अपनी जेब में रखे ₹2700 आरक्षकों को दे दिए।
गाड़ी के केबिन से ₹3.50 लाख गायब होने का दावा, विरोध करने पर भगाया
व्यापारी ने शिकायती पत्र में आरोप लगाया कि जब वह थाने से छूटकर अपने वाहन के पास पहुंचे और केबिन में रखी भैंस बिक्री की रकम की जांच की, तो वहां रखे ₹3.50 लाख गायब थे। पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस गायब रकम को लेकर आरक्षकों से पूछताछ और विरोध दर्ज कराया, तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें दोबारा पीटा और झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया।
निष्पक्ष जांच और रकम वापसी की मांग, एएसपी ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
इस घटना के बाद पीड़ित व्यापारी ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की शरण ली है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) प्रदीप पटेल को सौंपे गए शिकायती आवेदन में पीड़ित ने दोषी आरक्षकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी गाढ़े पसीने की कमाई (रकम) वापस दिलाने की मांग की है। एएसपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीएसपी (CSP) को पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और विस्तृत विभागीय जांच सौंप दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।



