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ग्वालियर में बच्चों की सुरक्षा से खिलवाड़: बिना फिटनेस और रजिस्ट्रेशन सड़कों पर दौड़ रहीं स्कूल बसें; परिवहन विभाग ने वसूला ₹80 हजार जुर्माना

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में नौनिहालों का स्कूली सफर कतई सुरक्षित नहीं है। शहर के रसूखदार स्कूल संचालकों से लेकर ट्रांसपोर्ट का काम देखने वाले बस ऑपरेटरों को मासूम बच्चों की जान की कोई परवाह नहीं है। मुनाफे के चक्कर में बिना फिटनेस, वैलिड परमिट और बिना रजिस्ट्रेशन के ही अनफिट स्कूल बसें सड़कों पर दौड़ाई जा रही हैं। बुधवार को परिवहन विभाग (RTO) द्वारा चिरवाई नाका पर की गई औचक चेकिंग और कार्रवाई में यह बेहद चौंकाने वाला और डरावना सच सामने आया है। नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली इन बसों से विभाग ने मौके पर ₹80,000 का भारी जुर्माना वसूला है।

सुप्रीम कोर्ट के नियमों की सरेआम अनदेखी, बिना रजिस्ट्रेशन और परमिट के चल रहे वाहन

परिवहन विभाग की इस ताजा कार्रवाई ने शहर के नामचीन स्कूलों के दावों की हवा निकाल दी है। चेकिंग के दौरान कई ऐसी बसें पकड़ी गईं जो माननीय सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्कूली वाहनों के लिए तय की गई सुरक्षा गाइडलाइंस का सरेआम उल्लंघन कर रही थीं। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि पिछले कुछ दिनों की कार्रवाई में 3 स्कूल बसें ऐसी पाई गईं, जिनके पास वैध रजिस्ट्रेशन (पंजीकरण) तक नहीं था। बिना किसी कानूनी दस्तावेज के ये अनफिट बसें रोजाना सैकड़ों बच्चों को घर से स्कूल ला-ले जा रही थीं। इन बसों पर तत्काल ₹5-5 हजार का अलग से जुर्माना लगाया गया।

नंबर प्लेट से लेकर पॉल्यूशन सर्टिफिकेट तक गायब, कागजों में ‘लापता’ सुरक्षा

चिरवाई नाका पर चली इस जांच मुहिम में सिर्फ फिटनेस ही नहीं, बल्कि कई अन्य गंभीर कमियां भी उजागर हुईं। आरटीओ अमले ने पाया कि कई बसों में नंबर प्लेट नियमों के मुताबिक नहीं थीं, कुछ के पास परमिट नहीं थे, तो कई गाड़ियां बिना ‘पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल’ (PUC) सर्टिफिकेट के ही धुआं उड़ा रही थीं। जिम्मेदार अधिकारियों ने साफ किया कि अनफिट बसों के कारण सड़क पर कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन बस ऑपरेटर बच्चों की सुरक्षा को लेकर पूरी तरह बेफिक्र बैठे हैं।

आरटीओ (RTO) की सख्त चेतावनी— ‘आगे भी जारी रहेगी कार्रवाई, नहीं बख्शे जाएंगे स्कूल प्रबंधक’

परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को हुई इस विशेष कार्रवाई का मकसद स्कूल संचालकों को सख्त संदेश देना था। विभाग ने स्पष्ट किया है कि स्कूली वाहनों की चेकिंग का यह अभियान आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। यदि भविष्य में भी किसी नामी या स्थानीय स्कूल की बसें बिना फिटनेस, बीमा, या सीसीटीवी कैमरों जैसे जरूरी मानकों के बिना पाई गईं, तो न केवल बसों को जब्त किया जाएगा,

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