ग्वालियर में 15 सितंबर तक रोड कटिंग पर पूर्ण प्रतिबंध; मानसून के चलते नगर निगम का बड़ा फैसला, उल्लंघन करने पर लगेगा भारी जुर्माना

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर में मानसून और लगातार हो रही बारिश को देखते हुए नगर निगम प्रशासन बेहद सख्त रुख अख्तियार कर चुका है। शहर की सड़कों को कीचड़, दलदल और असमय धंसने से बचाने के लिए नगर निगम के अपर आयुक्त श्री टी. प्रतीक राव ने बारिश के मौसम में हर प्रकार की रोड कटिंग (सड़क खुदाई) पर आगामी 15 सितंबर 2026 तक पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि इस अवधि के दौरान कोई भी एजेंसी या व्यक्ति सड़क खोदते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त दंडात्मक और जुर्माने की कार्रवाई की जाएगी।
1. पूर्व में जारी की गईं सभी अनुमतियां तत्काल प्रभाव से निरस्त (कैंसल)
नगर निगम द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के तहत केवल नए कामों के लिए सड़क खोदने पर ही रोक नहीं लगाई गई है, बल्कि पूर्व में जारी किए गए सभी आदेशों को भी ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। अपर आयुक्त श्री टी. प्रतीक राव ने स्पष्ट किया है कि मानसून से पहले जिन निजी या सरकारी कंपनियों/एजेंसियों को विभिन्न विकास कार्यों, पाइपलाइन या केबल बिछाने के लिए रोड कटिंग की स्वीकृतियां दी गई थीं, वे सभी अनुमतियां भी आगामी 15 सितंबर तक के लिए तत्काल प्रभाव से निरस्त (सस्पेंड) मानी जाएंगी।
2. जलभराव और हादसों को रोकने के लिए लिया गया अहम फैसला
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के दिनों में सड़कों की खुदाई करने से मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे सड़कों के धंसने और गहरे गड्ढे होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। इन गड्ढों में पानी भरने के कारण आए दिन राहगीर और वाहन चालक हादसों का शिकार होते हैं, साथ ही पूरे इलाके में जलभराव की स्थिति निर्मित हो जाती है। इसी जनहित और यातायात सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम ने यह सख्त कदम उठाया है ताकि बारिश में नागरिकों को आवागमन में किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
3. नियम तोड़ने वाली कंपनियों और ठेकेदारों पर होगी कड़ी दंडात्मक कार्रवाई
नगर निगम ने अपनी सभी क्षेत्रीय टीमों (जोनल प्रभारियों) और मदाखलत दस्ते को निर्देश जारी कर दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए रखें। यदि प्रतिबंध के बावजूद कोई कंपनी, ठेकेदार या नागरिक अवैध रूप से सड़क की कटिंग या खुदाई करता हुआ पकड़ा जाता है, तो न केवल काम को मौके पर ही बंद कराया जाएगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ भारी-भरकम आर्थिक जुर्माना लगाते हुए वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। 15 सितंबर के बाद ही स्थिति की समीक्षा कर दोबारा अनुमतियां बहाल की जा सकेंगी।



