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ग्वालियर में बढ़े सर्पदंश के मामले, जेएएच अस्पताल में बेड कम पड़े, जमीन पर हो रहा मरीजों का इलाज

ग्वालियर जिले में मानसून की शुरुआत के साथ सर्पदंश के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालात यह हैं कि प्रतिदिन 8 से 10 मरीज उपचार के लिए जया आरोग्य अस्पताल (जेएएच) पहुंच रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में खेतों, झाड़ियों और रिहायशी क्षेत्रों के आसपास सांप निकलने की घटनाएं बढ़ने से लोगों में चिंता का माहौल है।

मरीजों के बढ़ते दबाव से अस्पताल की व्यवस्था प्रभावित

डबरा, मुरार और अन्य क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर किया जा रहा है। लगातार बढ़ रहे रेफरल के कारण जेएएच के हजार बिस्तर अस्पताल पर मरीजों का दबाव बढ़ गया है। स्थिति यह है कि कई वार्डों में बेड कम पड़ने लगे हैं और कुछ मरीजों का उपचार जमीन पर करना पड़ रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्पदंश के मामलों में समय पर उपचार और एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) का इस्तेमाल जीवन रक्षक साबित होता है।

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की सावधानी संबंधी सलाह

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. एम.एस. सागर ने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बारिश के मौसम में सर्पदंश की घटनाएं बढ़ जाती हैं, इसलिए खेतों, झाड़ियों और अंधेरे स्थानों पर जाते समय मजबूत जूते पहनें और पर्याप्त रोशनी का उपयोग करें। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के बजाय पीड़ित को तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाया जाए। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में एंटी स्नेक वेनम और आवश्यक दवाएं उपलब्ध हैं।

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