मुरैना में तवे की तरह तप रही धरती: 45 डिग्री पर अटका पारा, मौसम विभाग ने जारी किया लू का ‘रेड अलर्ट’

मुरैना। मध्य प्रदेश का चंबल संभाग इन दिनों भीषण गर्मी और जानलेवा लू (Heatwave) की चपेट में है। मुरैना जिले में आसमान से बरसती आग ने आम जनजीवन को पूरी तरह बेहाल कर दिया है। पिछले तीन दिनों से जिले का अधिकतम तापमान ४५ डिग्री सेल्सियस पर स्थिर बना हुआ है। लगातार बढ़ती तपिश और थपेड़े मारती गर्म हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने जिले में ‘रेड अलर्ट’ जारी कर नागरिकों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी दी है।
दिन में आग जैसी गर्मी तो रातें भी हुईं गर्म, राहत के आसार नहीं
मई का महीना शुरू होते ही चंबल में पारे ने जो रफ्तार पकड़ी, वह अब थमने का नाम नहीं ले रही है। बीते १७ मई को पारा ४५ डिग्री के स्तर को छू गया था, जो पिछले तीन दिनों से लगातार इसी डरावने आंकड़े पर बना हुआ है। दिन के झुलसाने वाले तापमान के साथ-साथ अब न्यूनतम तापमान भी ३० डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे रातें भी बेहद गर्म और उमस भरी हो गई हैं। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में १५ से २१ किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म पछुआ हवाएं (लू) चलेंगी, जिससे फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है।
4 साल बाद लौटी ऐसी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी, सड़कें हो रहीं सुनसान
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, मुरैना में अमूमन मई के दौरान औसत तापमान ४३ से ४४ डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जाता है। इससे पहले साल २०२२ में यहाँ का पारा ४६ डिग्री तक पहुंचा था। अब ठीक चार साल बाद गर्मी ने एक बार फिर अपना पुराना रौद्र रूप दोहराया है। इस झुलसाने वाली धूप के कारण दोपहर के समय मुख्य बाजारों और सड़कों पर पूरी तरह सन्नाटा पसर जाता है और ऐसा प्रतीत होता है जैसे शहर में अघोषित कर्फ्यू लग गया हो।
दिनचर्या में बड़ा बदलाव: सुबह काम, दोपहर को घरों में कैद हो रहे लोग
इस रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। धूप और लू की मार से बचने के लिए स्थानीय नागरिकों ने अपनी जीवनशैली बदल ली है। लोग सुबह सूरज उगने के साथ ही अपने जरूरी कामकाज निपटाने की कोशिश करते हैं और दोपहर होने से पहले ही घरों या दफ्तरों के अंदर कैद हो जाते हैं। शाम ५ बजे के बाद जब धूप की कड़वाहट थोड़ी कम होती है, तभी लोग बहुत जरूरी होने पर ही बाहर का रुख कर रहे हैं। डॉक्टरों ने भी इस मौसम में पर्याप्त पानी पीने और दोपहर में बाहर न निकलने की सलाह दी है।




