दतिया में नामांकन का महासंग्राम: आज आमने-सामने होंगे दिग्गज; CM मोहन यादव और जीतू पटवारी फूंकेंगे चुनावी शंखनाद

दतिया। दतिया विधानसभा उपचुनाव के लिए आज का दिन बेहद ऐतिहासिक और राजनीतिक सरगर्मियों से भरा होने वाला है। आज दतिया की धरती पर कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) दोनों ही दल अपने-अपने दिग्गजों की मौजूदगी में भारी शक्ति प्रदर्शन करने जा रहे हैं। एक तरफ जहाँ कांग्रेस के तमाम बड़े नेता सुबह से ही मोर्चा संभालेंगे, वहीं दोपहर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद भाजपा प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने दतिया पहुंच रहे हैं। दोनों राजनीतिक दलों ने इस नामांकन प्रक्रिया को एक बड़े सियासी इम्तिहान के रूप में लिया है।
सुबह 11:30 बजे कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, पटवारी और दिग्विजय सिंह संभालेंगे कमान
आज चुनावी रण की शुरुआत कांग्रेस खेमे से होगी। कांग्रेस के आधिकारिक प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह सुबह ठीक 11:30 बजे निर्वाचन अधिकारी के समक्ष अपना नामांकन पत्र दाखिल करेंगे। नामांकन दाखिले के बाद कांग्रेस द्वारा रिंग रोड पर एक विशाल आमसभा का आयोजन किया गया है। इस जनसभा को संबोधित करने और पार्टी कार्यकर्ताओं में जोश भरने के लिए कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित कई कद्दावर नेता मंच पर मौजूद रहेंगे। कांग्रेस इस बड़ी रैली के जरिए क्षेत्र में बदलाव की लहर का दावा पेश करेगी।
दोपहर 1:30 बजे एंट्री करेंगे CM मोहन यादव, आशुतोष तिवारी का कराएंगे नामांकन
वहीं दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने भी अपने प्रत्याशी के नामांकन को ऐतिहासिक बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। दोपहर 1:30 बजे मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव विशेष रूप से दतिया पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव खुद भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी का नामांकन दाखिल कराएंगे। पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की सहमति और हालिया डैमेज कंट्रोल के बाद मुख्यमंत्री का यह दौरा दतिया में भाजपा की एकजुटता और सांगठनिक ताकत का एक बड़ा प्रदर्शन माना जा रहा है। मुख्यमंत्री नामांकन के बाद कार्यकर्ताओं को जीत का मंत्र भी देंगे।
दिग्गजों की साख दांव पर, दतिया बना मध्य प्रदेश का सबसे बड़ा सियासी अखाड़ा
दोनों दलों के इस भारी शक्ति प्रदर्शन ने दतिया उपचुनाव को बेहद दिलचस्प और त्रिकोणीय मुकाबले जैसी स्थिति में ला खड़ा किया है। जहाँ कांग्रेस अपनी खोई हुई जमीन वापस पाने और भाजपा की अंदरूनी खींचतान का फायदा उठाने के लिए पूरा जोर लगा रही है, वहीं भाजपा मुख्यमंत्री के चेहरे और अपने मजबूत कैडर के दम पर इस सीट को हर हाल में अपनी झोली में बनाए रखना चाहती है। आज दतिया की सड़कों पर दोनों दलों के कार्यकर्ताओं का हुजूम और दिग्गजों की जुबानी जंग यह तय करेगी कि आने वाले दिनों में ऊंट किस करवट बैठने वाला है।



