डीके का कमाल मंडियों में धमाल। मामला कृषि विपणन मंडी बोर्ड ग्वालियर का।

डीके का कमाल मंडियों में धमाल।
मामला कृषि विपणन मंडी बोर्ड ग्वालियर का।
वैसे तो संपूर्ण मध्य प्रदेश में मंडी बोर्ड का कमाल किसानों का शोषण, कच्ची आढत, तुलावट में भी कमीशन, मंडियो की दुर्दशा ,किसानो के लिए बने विश्रामगृह नारकिये हालत में जो ठीक हुई है वह बने अड्डे , कमीशन के फेर में आधुनिकरण के नाम पर के जमा राशि को खरीद
खरीद फरोख्त के नाम पर खरीदीकरण विगत 2 वर्ष से बोर्ड मुख्यालय में यह परंपरा बन चुकी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार इसी परंपरा को राज्य प्रशासनिक सेवा के एक ऐसे अधिकारी जिसके विरुद्ध निगम कार्यकाल के दौरान अनियमिताएं तथा आर्थिक धांधली के आरोप की जांच लोकायुक्त के पास लंबित होने के बाद मंडी बोर्ड ग्वालियर में तैनात संयुक्त संचालक प्रबंध संचालक की परंपरा को आगे रखते हुए अब खुले मैदान में है बताया जाता है कि इन्होंने अपनी फौज भी गठित कर ली है संभागीय कार्यालय में स्वीकृत एक पद के विरुद्ध चार स्टेनोग्राफर नियम विरुद्ध अपनी फौज में शामिल कर तीन को उप सेनापति बना रखा है एक का काम प्रशासनिक दूसरे का काम लिफाफा प्रबंधन तीसरे का काम मंडी कमीशन इकट्ठा करना है।
त्याग की भावना विनोदमय खिलाड़ी इन सब के परदे के पीछे मंडियों को ठेके पर चलाने वाले सचिवों से वसूली करना इनका एक आम कर्तव्य है।
हां इतना जरूर है शर्मा कहते हैं कि मुझे उच्चतम न्यायालय से पद स्थापना मिली है सामान्य प्रशासन विभाग में मेरी ऊंची पकड़ है मेरा कोई भी स्थानांतरण नहीं कर सकता इसके पीछे कौन सी ताकते हैं जो गहन का विषय है निडर होकर प्रबंध संचालक के आदेशों को भी गर्म हवा में तब्दील करना कुशल खिलाड़ी है शीर्ष अंक में चम्बल ब्रेकिंग के लिए गिर्राज सम्राट



