ग्वालियर में मानसून को लेकर रेत खनन पर 30 सितंबर तक पूर्ण प्रतिबंध, नदियों से अस्थाई मलबे हटाने के सख्त निर्देश

ग्वालियर। वर्षा ऋतु और मानसून सत्र के आगमन को देखते हुए ग्वालियर जिले में आगामी तीन महीनों के लिए रेत खनन की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। जिला कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, जिले की सभी स्वीकृत रेत खदानों में 30 जून की मध्य रात्रि से लेकर 30 सितंबर 2026 तक किसी भी प्रकार का खनन कार्य पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
नदियों के प्राकृतिक बहाव को न रोकने के सख्त निर्देश
कलेक्टर श्रीमती चौहान ने जिले के सभी अनुबंधित ठेकेदारों को इस प्रतिबंध का कड़ाई से पालन करने की हिदायत दी है। आदेश में विशेष रूप से निर्देशित किया गया है कि रेत निकासी के उद्देश्य से नदियों के भीतर बनाए गए अस्थाई पुल, पुलिया या रास्तों के लिए डाली गई मिट्टी और मुरम (मलबे) को जल प्रवाह क्षेत्र से तुरंत हटा लिया जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारी बारिश के दौरान नदियों के प्राकृतिक बहाव में कोई बाधा न आए और बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
पर्यावरण मंत्रालय के नियमों के तहत लिया गया फैसला
यह निर्णय भारत सरकार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के दिशा-निर्देशों तथा राज्य स्तरीय पर्यावरण समाघात निर्धारण प्राधिकरण के नियमों के आलोक में जिला स्तरीय प्राधिकरण द्वारा लिया गया है। ग्वालियर जिले के लिए मानसून सत्र की यह अवधि 1 जुलाई से 30 सितंबर निर्धारित की गई है।
प्रशासन ने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि:
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यदि इस तय समय से पहले मानसून अधिक सक्रिय होता है, या 30 सितंबर के बाद भी बारिश का दौर जारी रहता है, तो तात्कालिक परिस्थितियों की समीक्षा कर नए निर्देश अलग से जारी किए जाएंगे।
ई-खनिज पोर्टल पर टीपी ब्लॉक, उल्लंघन करने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
इस प्रतिबंध को धरातल पर कड़ाई से लागू कराने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। कलेक्टर द्वारा पुलिस अधीक्षक (SP), सभी अनुविभागीय अधिकारियों (SDM), तहसीलदारों, खनिज निगम और सहायक खनिज अधिकारियों को क्षेत्र में लगातार निगरानी और आवश्यक कार्रवाई करने के जिम्मा सौंपा गया है।
इसके साथ ही, तकनीकी तौर पर अवैध परिवहन रोकने के लिए ई-खनिज पोर्टल पर भी इस अवधि के दौरान ई-टी.पी. (Transit Permit) के जारी होने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने साफ चेतावनी दी है कि यदि इस अवधि में कोई भी खनन या नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त वैधानिक व दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।



