भिंड में मिलावटी दूध, घी और मावा बेचने पर 6 कारोबारियों पर 22 लाख का जुर्माना

भिंड। मध्य प्रदेश के भिंड जिले में खाद्य सुरक्षा प्रशासन ने मिलावटी और अमानक खाद्य सामग्री के मामलों में छह कारोबारियों पर कुल 22 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है। कार्रवाई में अमानक दूध, घी और मावा के साथ खाद्य पंजीयन या लाइसेंस के बिना कारोबार करने के मामले शामिल हैं। प्रशासन के अनुसार, निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं करने पर राशि की वसूली भू-राजस्व के रूप में की जाएगी।
प्रयोगशाला जांच में सामने आई गड़बड़ी
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने अलग-अलग तारीखों में डेयरियों और खाद्य कारोबारियों के यहां से नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे थे। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी सामने आने के बाद संबंधित कारोबारियों को नोटिस जारी किए गए और वैधानिक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत अर्थदंड लगाया गया।
छह कारोबारियों पर लगाया गया जुर्माना
प्रशासन की कार्रवाई में अलग-अलग मामलों के लिए निम्नलिखित अर्थदंड निर्धारित किए गए हैं।
गोविंद डेयरी: अमानक दूध मिलने पर संचालक आशीष शर्मा पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
आयूब डेयरी: घी अमानक पाए जाने पर संचालक अयूब खान पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
जितेंद्र सिंह नरवरिया डेयरी: खाद्य पंजीयन नहीं होने पर दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
श्री गणेश डेयरी: अमानक दूध और बिना लाइसेंस कारोबार करने के मामले में सात लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
मां शीतला डेयरी: अपद्रव्य स्तर का तेल मिलने और खाद्य पंजीयन नहीं होने पर चार लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
नरेंद्र डेयरी: अमानक मावा मिलने पर संचालक पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
टैंकर में मिला था करीब 2,000 लीटर मिश्रित दूध
श्री गणेश डेयरी के संचालक श्रीकृष्ण राठौर पर सबसे अधिक सात लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। 24 फरवरी 2024 को अमायन रोड, मेहगांव में खाद्य सुरक्षा आयुक्त के उड़नदस्ते के साथ निरीक्षण किया गया था। इस दौरान एमपी 30 जी 1352 नंबर के टैंकर में करीब 2,000 लीटर मिश्रित दूध मिला था।
जांच में दूध अमानक पाया गया। इसके अलावा कारोबारी के पास खाद्य लाइसेंस भी नहीं था। इस मामले में अमानक दूध के लिए तीन लाख और बिना लाइसेंस कारोबार करने पर चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
दूध, घी और मावा के नमूनों पर हुई कार्रवाई
गोविंद डेयरी, जगराम नगर, भिंड से 30 जुलाई 2022 को दूध का नमूना लिया गया था। जांच में दूध अमानक मिलने पर संचालक पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
रतवा रोड स्थित आयूब डेयरी से 22 अगस्त 2023 को मावा और घी के नमूने लिए गए थे। मावा मानक स्तर का मिला, जबकि खुला घी अमानक पाया गया। इसके बाद संचालक पर तीन लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
गोरमी थाना क्षेत्र के ग्राम हीरापुरा स्थित जितेंद्र सिंह नरवरिया डेयरी में 5 अक्टूबर 2024 को निरीक्षण के दौरान घी मानक स्तर का मिला, लेकिन कारोबारी के पास खाद्य पंजीयन नहीं था। इस मामले में दो लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
तेल के नमूने में अपद्रव्य, मावा भी मिला अमानक
लहार तहसील के ग्राम रमपुरा स्थित मां शीतला डेयरी में 13 अगस्त 2024 को मावा निर्माण के दौरान रिफाइंड पामोलिन तेल के उपयोग की आशंका पर नमूने लिए गए थे। जांच में मावा मानक स्तर का, जबकि तेल अपद्रव्य स्तर का पाया गया। खाद्य पंजीयन नहीं होने के कारण संचालक मुकेश यादव पर कुल चार लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
इसी तरह ग्राम अख्तियारपुरा स्थित नरेंद्र डेयरी से 25 अक्टूबर 2024 को लिए गए मावा के नमूने की जांच में वह अमानक पाया गया। इसके बाद संचालक नरेंद्र सिंह नरवरिया पर तीन लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
समय पर जुर्माना नहीं भरने पर होगी वसूली
खाद्य सुरक्षा अधिकारी रीना बंसल के अनुसार, दूध, घी, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों के नमूनों की नियमित जांच कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि अमानक खाद्य सामग्री बेचने और बिना पंजीयन या लाइसेंस कारोबार करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। निर्धारित अवधि में अर्थदंड जमा नहीं करने पर भू-राजस्व के रूप में वसूली की जाएगी।



