ग्वालियर में भू-माफियाओं का आतंक: सरकारी जमीन पर अवैध प्लाटिंग का आरोप, शिकायतकर्ता को मिल रही जान से मारने की धमकी

रिपोर्ट: गिर्राज रजक
ग्वालियर (मध्य प्रदेश): ग्वालियर ग्रामीण तहसील के ग्राम सालूपुरा में सरकारी भूमि को खुर्द-बुर्द करने का एक बड़ा मामला प्रकाश में आया है। आरोप है कि दबंग भू-माफिया और राजस्व विभाग के अधिकारियों की कथित मिलीभगत से करोड़ों रुपए की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा कर उसकी प्लाटिंग की जा रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए अब संभागीय आयुक्त से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत और करोड़ों का खेल
ग्राम केदारपुर निवासी शिकायतकर्ता रतन सिंह गुर्जर ने संभागीय आयुक्त को सौंपे पत्र में आरोप लगाया है कि पटवारी हल्का पिपरौली के अंतर्गत आने वाले दर्जनों शासकीय सर्वे नंबरों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। शिकायत के अनुसार, भू-माफिया अपनी निजी जमीन के कागजात दिखाकर लोगों को गुमराह कर रहे हैं, जबकि असल में कब्जा सरकारी जमीन पर दिया जा रहा है। इस पूरे खेल में हल्का पटवारी, आरआई (RI) और तहसीलदार की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए हैं।
इन लोगों पर लगा आरोप, दहशत में ग्रामीण
शिकायत पत्र में मुख्य रूप से पंचम सिंह गुर्जर, महेंद्र सिंह गुर्जर, केशव सिंह गुर्जर, राजा गुर्जर और बलवीर गुर्जर सहित अन्य लोगों को नामजद किया गया है। रतन सिंह का कहना है कि ये लोग इतने प्रभावशाली हैं कि इनके डर से ग्रामीण खुलकर विरोध नहीं कर पाते। आरोप है कि जो भी व्यक्ति इस अवैध कब्जे के खिलाफ आवाज उठाता है, उसे जान से मारने की धमकी दी जाती है। स्वयं शिकायतकर्ता ने भी अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा और कार्रवाई की गुहार लगाई है।
प्रशासनिक सुस्ती पर सवाल: महीनों बाद भी कार्रवाई शून्य
हैरानी की बात यह है कि इस मामले में 10 नवंबर 2025 को ही कलेक्टर और नगर निगम आयुक्त को लिखित आवेदन दिया गया था, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अब संभागीय आयुक्त के पास मामला पहुँचने के बाद स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इस बार सख्त कदम उठाकर शासन की करोड़ों की भूमि को माफियाओं के चंगुल से मुक्त करा पाता है या नहीं।




