ग्वालियर नगर निगम कर्मचारी ने लाइसेंसी बंदूक से खुद को मारी गोली: आत्मघाती कदम से पहले भाई को किया था वीडियो कॉल, सुसाइड नोट में प्रॉपर्टी विवाद का जिक्र

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर से एक बेहद सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। ग्वालियर नगर निगम में पदस्थ एक कर्मचारी ने बीती रात अपने निवास पर अपनी ही लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। इस आत्मघाती कदम को उठाने से ठीक पहले मृतक ने अपने छोटे भाई को वीडियो कॉल किया था और मौत को गले लगाने की बात कही थी। पुलिस को मृतक के मोबाइल से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसके आधार पर मामले की कड़ाई से तफ्तीश की जा रही है।
वीडियो कॉल पर हाथ में बंदूक लेकर बैठा था युवक
घटना को लेकर मृतक के भाई ने पुलिस और स्थानीय मीडिया के सामने बेहद चौंकाने वाले विवरण साझा किए हैं:
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भाई से आखिरी बातचीत: बीती रात मृतक ने अपने छोटे भाई को वीडियो कॉल लगाया था। उस वक्त वह अपने हाथ में अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर बैठा हुआ था और उसने भाई से कहा था कि वह अपनी जीवनलीला समाप्त करने जा रहा है।
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भाई का बयान: छोटे भाई के मुताबिक, उसने वीडियो कॉल पर गौरव को काफी समझाने-बुझाने और शांत करने का प्रयास किया था। भाई ने कहा कि उसे इस बात का बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि गौरव सचमुच ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगा। हालांकि, भाई ने शुरुआती बातचीत में किसी भी तरह के पारिवारिक तनाव या बड़े विवाद की जानकारी होने से इनकार किया है।
मोबाइल में मिला सुसाइड नोट; माता-पिता और बहन पर आरोप
प्रॉपर्टी का झगड़ा आया सामने: भले ही परिवार के सदस्य किसी स्पष्ट विवाद की बात से मना कर रहे हों, लेकिन पुलिस को मृतक के मोबाइल फोन से एक विस्तृत डिजिटल सुसाइड नोट मिला है। इस सुसाइड नोट में मृतक ने अपने माता-पिता, बहन और अन्य करीबियों के साथ चल रहे गंभीर प्रॉपर्टी (जायदाद) विवाद का स्पष्ट रूप से उल्लेख किया है। शुरुआती पड़ताल में इसी विवाद को इस आत्मघाती कदम की मुख्य वजह माना जा रहा है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला; सीएसपी बोले- हर एंगल से होगी जांच
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे। पुलिस ने शव और बंदूक को अपने कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है:
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पूछताछ और पीएम: नगर के नगर पुलिस अधीक्षक (CSP) ने मीडिया को बताया कि पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट में जिन भी व्यक्तियों पर मानसिक प्रताड़ना या संपत्ति विवाद के आरोप लगाए गए हैं, पुलिस उन सभी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
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फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम: मृतक के शव का पोस्टमार्टम (PM) कराया जा रहा है, ताकि मौत के सही समय और तकनीकी कारणों का पता चल सके। सीएसपी ने आश्वस्त किया है कि पुलिस मामले के सभी बिंदुओं और पहलुओं की गहराई से और निष्पक्ष जांच कर रही है।




