लोकल न्यूज़

MITS में साप्ताहिक अवकाशों में सामान्य Quiz के आयोजन को लेकर कर्मचारियों में रोष, कहा चेयरमैन सिंधिया के समक्ष रखेंगे अपनी बात, प्रत्येक अवकाश पर इसी तरह डाला जा रहा है डाका

ग्वालियर। MITS डीम्ड विश्विद्यालय में कुलपति आरके पंडित की अनियमितताओं पर अंकुश नहीं लग पा रहा है जहां एक तरफ जांच एजेंसियों की जांच की रफ्तार धीमी है वहीं कर्मचारियों का शोषण की बातें भी खुलकर सामने आने लगी है।
कुछ कर्मचारियों ने बताया कि समस्त कर्मचारियों को अनिवार्य रूप से मिलने वाले साप्ताहिक अवकाशों पर भी संस्थान के कुलपति ने डाका डाल दिया है।

कर्मचारियों से मिली जानकारी अनुसार परीक्षा नियंत्रक सौमिल माहेश्वरी द्वारा जारी सामान्य Quiz के कार्यक्रम को निर्धारित करते हुए जानबूझकर शनिवार रविवार साप्ताहिक अवकाशों के दिनों को कार्यक्रम में रखा गया है। आखिर यह कर्मचारियों का शोषण नहीं तो क्या है। यही नहीं कर्मचारियों का आरोप है कि कोरोनाकाल में राज्य सरकार ने कार्यालयीन समय को एक घंटा बढ़ाते हुए शाम 6 बजे तक किया था जिसके बदले शनिवार को साप्ताहिक अवकाश घोषित किया था परंतु MITS में कार्यालयीन समय को बढ़ाने के आदेश का तो पालन किया गया परंतु शनिवार के दिन अवकाश को नहीं माना जाकर शनिवार को तृतीय वर्ग एवं चतुर्थ वर्ग के कर्मचारियों को कार्य पर बुलाया जाता है अन्यथा संबंधित कर्मचारी से जबरन आकस्मिक अवकाश आवेदन लिया जाता है अन्यथा वेतन से कटौत्रा किया जाता है।

MITS कर्मचारियों द्वारा भेजा गया सामान्य क्विज का टाइम टेबल जो कि सौमिल माहेश्वरी द्वारा जारी किया गया है।

कुलपति के विशेष कृपापात्र सौमिल माहेश्वरी नामक नवनियुक्त शिक्षक जिन पर कुलपति साहब की विशेष कृपा इतनी बरस रही है कि पहले उन्हें समस्त सीनियर शिक्षकों को नजरअंदाज कर एसोसिएट डीन परीक्षा नियंत्रक बनाया गया और जबकि एक सीनियर महिला प्रोफेसर को जूनियर लेवल के इस असिस्टेंट प्रोफेसर के अंडर में कार्य करने के लिए बाध्य हैं। यही नहीं संस्थान के स्थापना वर्ष 1956 से चली आ रही परम्परा के विपरीत जाकर ग्रेड पे अपग्रेडेशन का एरियर भी पहली बार स्वयं कुलपति ने अपने अतिरिक्त किसी कर्मचारी को दिया तो वह भी इन्हें ही दिया। इससे पहले इनकी पत्नी को पीएचडी में अवैध तरीके से इनरोलमेंट करने का प्रयास किया गया लेकिन तब तक यह बात आंदोलनकारी छात्रों तक और मीडिया तक पहुंचने के बाद यह मंशा सफल नहीं हो सकी थी। खबर तो यह भी है कि श्री सौमिल माहेश्वरी ने अपनी पत्नी को अब एक विभाग में बिना किसी अनिवार्य भर्ती प्रक्रिया के सहायक प्राध्यापक के रूप में अवैध रूप से रखवा लिया है वह भी शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होने के बाद। वहीं इन सब के बीच एक आंदोलनकारी छात्र अवश्य कथित रूप से पीएचडी में अपना इनरोलमेंट कराकर अपना उल्लू सीधा कर गया।

संस्थान से जुड़े सूत्रों से प्राप्त जानकारी अनुसार एकाएक अचानक 10 सितंबर 2026 को कन्वेशन हॉल में शाम 5 बजे से 7 बजे तक आयोजित की गई अकादमिक काउंसिल की मीटिंग में न्यूनतम 5 सीजीपीए होने की अनिवार्यता के उच्च स्तर के तकनीकी विश्वद्यालय के नियम को शिथिल कर दिया गया अब जिन छात्रों के 5 से कम भी सीजीपीए/एसजीपीए होंगे वह भी पास हो जाएंगे इस तरह रेवड़ी की तरह इंजीनियरिंग की डिग्रियां बांटकर जहां शिक्षा के स्तर और संस्था की छवि को धूमिल करने की दिशा में एक कदम और आगे रखा है वहीं सूत्र बताते है कि यह नियम शिथिल करने के पीछे अपनी अनियमितताओं पर पर्दा डालने के लिए उसी आंदोलनकारी छात्र के कुछ साथियों को फायदा देने इस नियम को शिथिल कर पास कर मुँह बंद करने का प्रयास है।

एमआईटीएस के कर्मचारियों का कहना है कि कुलपति महोदय से कई बार कई लोगों ने साप्ताहिक अवकाशों के संबंध में आग्रह कर चुके है परंतु कर्मचारियों का शोषण नहीं रुका है। अब चेयरमैन सिंधिया से शीघ्र मुलाकात कर कुलपति और उनके चमचो द्वारा की जा रही मनमानी की शिकायत प्रमाण एवं तथ्य के साथ कि जाएगी।

प्रबंधन द्वारा लगातार साप्ताहिक अवकाशों पर डाका डालने की कर्मचारियों की शिकायत के संबंध में जब जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया तो उनके द्वारा फोन तक उठाकर अपना अपना पक्ष रखने से किनारा कर लिया गया।

यह पहली बार नहीं है कि इस प्रकार की मनमानी की गई हो हाल ही में संस्थान में अवैधानिक रूप से धारा 144 जैसे संविधान की उन शक्तियों का बिना किसी अधिकार दुरुपयोग करने के आदेश जारी किए गए थे जिसका कि जिला स्तर पर कलेक्टर और तहसील स्तर पर सिर्फ एसडीएम को अधिकार प्राप्त होते हैं। यह अपने आप में संगीन मामला था संविधान से छेड़छाड़ कर लोगों को भ्रमित करने का। इस संबंध में भी राज्यपाल को संस्थान के कुछेक छात्रों ने लिखित शिकायत भी की है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!