ग्वालियर में फर्जी सिम कार्ड गिरोह पर कार्रवाई, दो और वेंडरों के खिलाफ एफआईआर

ग्वालियर में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने फर्जी सिम कार्ड जारी करने वाले दो और वेंडरों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आरोप है कि ये लोग अन्य व्यक्तियों के दस्तावेज, फिंगरप्रिंट और डिजिटल हस्ताक्षरों का दुरुपयोग कर सिम कार्ड सक्रिय करते थे और बाद में इन्हें साइबर ठगों तक पहुंचाते थे।
पुलिस के अनुसार, एक मामला हजीरा थाना क्षेत्र में दर्ज किया गया है। यहां के निवासी मंजेश जाटव पर आरोप है कि उसने लोगों को सिम पोर्ट कराने पर दो माह का मुफ्त रिचार्ज देने का लालच दिया। इसके बाद संबंधित लोगों के आधार कार्ड, फोटो और अन्य जरूरी जानकारी हासिल कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कर दिए। जांच में सामने आया है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल देश के विभिन्न हिस्सों में साइबर ठगी की घटनाओं में किया गया।
दूसरा मामला हस्तिनापुर थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ है। पुलिस ने डीडी नगर निवासी संदीप राजावत के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि उसने 13 लोगों के नाम पर सिम कार्ड जारी किए, जिनका बाद में साइबर अपराधों में उपयोग किया गया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, संदीप के खिलाफ पहले भी इसी तरह के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फर्जी सिम कार्ड नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक ग्वालियर में सात एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं। जांच के दौरान सामने आए अन्य संदिग्ध वेंडरों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है और आने वाले दिनों में और कार्रवाई संभव है।
साइबर अपराधों में फर्जी सिम कार्ड के इस्तेमाल को देखते हुए पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपने दस्तावेज, बायोमेट्रिक जानकारी या डिजिटल हस्ताक्षर बिना पूरी जांच-पड़ताल के उपलब्ध न कराएं।




