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MITS में छात्रों का प्रदर्शन: 11 बजे से जारी था धरना रात्रि 9:30 बजे छात्रों के बीच पहुंचे वीसी, फिलहाल धरना किया समाप्त लेकिन उग्र आंदोलन की चेतावनी…

ग्वालियर के प्रतिष्ठित माधव इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस (MITS) में भारी छात्र विरोध के बाद प्रबंधन को आखिरकार पीछे हटना पड़ा। अपनी मांगों को लेकर सुबह 11 बजे से धरने पर बैठे छात्रों के बीच आखिरकार रात 9:30 बजे कुलपति (वीसी) को आना ही पड़ा। छात्रों के कड़े रुख और उग्र आंदोलन की चेतावनी के बाद फिलहाल धरना समाप्त कर दिया गया है, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर अब भी अड़े हुए हैं।

मुख्य द्वार पर रोका, पुलिस से डराने की कोशिश लेकिन डटे रहे छात्र

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के अंकित सिंघल, सौरभ गुर्जर, राज वर्मा और उत्कर्ष शर्मा के नेतृत्व में सैकड़ों छात्र सुबह 11 बजे प्रदर्शन करने पहुंचे। शुरुआत में प्रबंधन ने छात्रों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद छात्र वहीं धरने पर बैठ गए। दबाव बढ़ने पर जब वे अंदर गए, तो कुलपति आर.के. पंडित कई घंटों तक अपने चेंबर से बाहर नहीं आए।

छात्रों को झुकाने और डराने के लिए परिसर में सायरन बजाती पुलिस की गाड़ियां भी घुमाई गईं। प्रबंधन ने ओएसडी प्रभाकर शर्मा के जरिए केवल छात्र प्रतिनिधियों को बंद कमरे में बातचीत के लिए बुलाने की रणनीति अपनाई, लेकिन छात्र सभी के सामने बिंदुवार स्पष्टीकरण और समाधान की जिद पर डटे रहे।

बाहरी नेताओं की मध्यस्थता फेल, मीडिया से बनाई दूरी

जब छात्र अपनी मांगों से टस से मस नहीं हुए, तो शाम को धरना खत्म कराने के लिए ग्वालियर व्यापार मेला प्राधिकरण के अध्यक्ष अशोक सिंह जादौन को मध्यस्थता के लिए बुलाया गया। हालांकि, संस्थान से बाहर के नेता का सहारा लेने का यह प्रयास भी विफल रहा और उनके जाने के बाद छात्र फिर से धरने पर बैठ गए।

इस पूरे घटनाक्रम के दौरान जब कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों ने वीसी के ओएसडी प्रभाकर शर्मा से कॉलेज का पक्ष जानने की कोशिश की, तो उन्होंने कैमरे पर कुछ भी बोलने से साफ इनकार कर दिया, जिससे प्रबंधन की कार्यशैली पर और सवाल खड़े हो गए।

पार्किंग शुल्क पर तुरंत रोक, फीस कटौती पर 6 जुलाई को फैसला

लगभग 10 घंटे के भारी गतिरोध के बाद रात करीब 9:30 बजे सिंधिया इंजीनियरिंग कॉलेज सोसायटी के सचिव रमेश अग्रवाल और कुलपति आर.के. पंडित ने छात्रों से मुलाकात कर ज्ञापन लिया। छात्रों के भारी दबाव के आगे झुकते हुए प्रबंधन ने पार्किंग शुल्क की वसूली पर तुरंत रोक लगा दी है, जो आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी।

वहीं, मुख्य मुद्दा यानी फीस वृद्धि को लेकर कुलपति ने आश्वासन दिया है कि 6 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में फीस कम करने का प्रस्ताव रखा जाएगा। दूसरी ओर, एबीवीपी ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि 6 जुलाई की बैठक में फीस कटौती पर मुहर नहीं लगी, तो 8 जुलाई से कॉलेज में अब तक का सबसे उग्र और उथल-पुथल भरा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

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