भिंड: जल गंगा संवर्धन अभियान को लेकर एक्शन में जिला पंचायत सीईओ, पुर ग्राम पंचायत का किया औचक निरीक्षण

भिंड (मध्य प्रदेश): प्रदेश में जल स्रोतों के संरक्षण और कायाकल्प के लिए चलाए जा रहे ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ को धरातल पर उतारने के लिए प्रशासनिक अधिकारी लगातार मुस्तैद हैं। इसी सिलसिले में भिंड जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) वीर सिंह चौहान ने अटेर जनपद की पुर ग्राम पंचायत का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया और विकास कार्यों की समीक्षा की।
तालाबों की सफाई और गहरीकरण के लिए जनभागीदारी की अपील
सीईओ वीर सिंह चौहान ने पुर ग्राम पंचायत में जल गंगा संवर्धन के तहत आगामी 25 मई को आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने ग्रामीणों से संवाद करते हुए अपील की कि वे अपने क्षेत्र के पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजने में आगे आएं। सीईओ ने पंचायत में स्थित तालाब की साफ-सफाई और उसके गहरीकरण कार्य को जनभागीदारी के माध्यम से समय पर पूरा करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीणों से जल स्रोतों के आसपास से अतिक्रमण हटाने की भी बात कही।
सरकारी योजनाओं की समीक्षा, समग्र e-KYC शत-प्रतिशत करने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ ने शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानी। उन्होंने वृद्धावस्था पेंशन और विशेषकर गर्भवती महिलाओं की समग्र ई-केवाईसी (e-KYC) की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने जनपद सीईओ और ग्राम पंचायत सचिव को सख्त निर्देश दिए कि क्षेत्र में पात्र हितग्राहियों की समग्र ई-केवाईसी का कार्य शत-प्रतिशत और जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि किसी भी गरीब को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े।
बिजली बिल भुगतान और पेयजल संकट दूर करने के कड़े निर्देश
ग्रामीणों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए सीईओ चौहान ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव को निर्देश दिए कि पंचायत के लंबे समय से लंबित बिजली बिलों का भुगतान समय सीमा के भीतर सुनिश्चित करें। वहीं, गांव में पेयजल से जुड़ी समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE) के अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे मौके पर जाकर पानी की किल्लत का तुरंत और स्थाई निराकरण करें।




