एक कुर्सी, दो अधिकारी: ग्वालियर संभाग के शिक्षा विभाग में अधिकारों की जंग, कर्मचारियों में असमंजस

गिर्राज रजक, ग्वालियर,
ग्वालियर। ग्वालियर संभाग के शिक्षा विभाग का कार्यालय, जहां से संभाग के सभी जिलों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का संचालन होता है, इन दिनों एक अभूतपूर्व प्रशासनिक विवाद का केंद्र बना हुआ है। विभाग में संयुक्त संचालक और प्रभारी अधिकारी के बीच एक ही पद और एक ही कुर्सी को लेकर चल रही खींचतान ने पूरे कार्यालय की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, विभाग के वरिष्ठ अधिकारी का स्थानांतरण भोपाल हो चुका है। हालांकि, स्थानांतरित अधिकारी न्यायालय से स्थगन (स्टे) आदेश लेकर आए हैं। इसी बीच विभाग द्वारा प्रभारी अधिकारी को कार्यभार सौंपा गया, जिसके आधार पर वे वर्तमान में संयुक्त संचालक के कक्ष में बैठकर कार्यालय का संचालन कर रहे हैं।

प्रभारी अधिकारी का कहना है कि उन्हें विभाग द्वारा विधिवत जिम्मेदारी सौंपी गई है। उनका कहना है कि जब तक विभाग की ओर से उन्हें कार्यभार छोड़ने संबंधी कोई स्पष्ट आदेश या अनुमति प्राप्त नहीं होती, तब तक वे अपना दायित्व निभाते रहेंगे। उनका तर्क है कि केवल न्यायालय से स्टे मिलने के आधार पर, विभागीय आदेश के अभाव में वे अपनी जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकते।
वहीं, संयुक्त संचालक से इस पूरे मामले में पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने इस विषय पर कोई प्रतिक्रिया देने से इनकार कर दिया। सूत्रों के अनुसार, संयुक्त संचालक कार्यालय के दूसरे कक्ष में बैठकर प्रशासनिक आदेश जारी कर रहे हैं, जबकि प्रभारी अधिकारी अपने कक्ष से कार्यों का संचालन कर रहे हैं।

एक ही कार्यालय में दो अधिकारियों द्वारा अलग-अलग कमरों से प्रशासनिक कार्य किए जाने की स्थिति ने कर्मचारियों के सामने भी असमंजस की स्थिति पैदा कर दी है। कर्मचारी यह तय नहीं कर पा रहे हैं कि प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों में अंतिम निर्णय किसके आदेश के अनुसार लिया जाए। इससे कार्यालयीन कार्यों के प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है।
शिक्षा विभाग के संभागीय कार्यालय में इस तरह की स्थिति पहली बार देखने को मिल रही है। अब सभी की निगाहें भोपाल स्थित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों पर टिकी हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि विभाग इस विवाद का शीघ्र समाधान कर स्पष्ट प्रशासनिक व्यवस्था स्थापित करता है या फिर ग्वालियर संभाग का शिक्षा कार्यालय दो अधिकारियों के समानांतर संचालन की स्थिति में ही कार्य करता रहेगा।



