भिंड: गोहद सिविल अस्पताल में घुसा बाढ़ का पानी, प्रसूति वार्ड कराना पड़ा खाली; गैर-जिम्मेदाराना जवाब पर बीएमओ पर भड़के विधायक

मध्य प्रदेश के भिंड जिले के गोहद कस्बे में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने स्थानीय जल निकासी और प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। यहां के सिविल अस्पताल परिसर और अंदरूनी वार्डों में बारिश का गंदा पानी भर जाने से मरीजों और उनके तीमारदारों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। जलभराव के कारण हालात इस कदर बेकाबू हो गए कि नवजात शिशुओं और प्रसूताओं की सुरक्षा को देखते हुए पूरे मैटरनिटी (प्रसूति) वार्ड को आनन-फानन में खाली कराना पड़ा। इस अव्यवस्था की खबर मिलते ही स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचे, जहां ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) के अड़ियल रवैये को देख उनका पारा चढ़ गया।
विधायक के सामने बीएमओ ने टाली जिम्मेदारी, आशा कार्यकर्ताओं ने भी हाथ खड़े किए
अस्पताल में पानी भरने की सूचना मिलते ही गोहद विधायक केशव देसाई तुरंत स्थिति का जायजा लेने सिविल अस्पताल पहुंचे। निरीक्षण के दौरान जब उन्होंने वार्डों में घुटनों तक भरे पानी को लेकर ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) से तीखे सवाल किए और जल निकासी की व्यवस्था पूछी, तो बीएमओ ने बेहद गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बीएमओ ने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए कह दिया कि पानी निकलवाना उनका नहीं, बल्कि सफाईकर्मियों का काम है। जब विधायक ने पूछा कि अभी तत्काल पानी कौन साफ करेगा, तो बीएमओ ने वहां खड़ी आशा कार्यकर्ताओं की तरफ इशारा कर दिया, जिसे आशा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी जिम्मेदारी मानने से साफ इनकार कर दिया।
विधायक ने सीएमएचओ और कलेक्टर को घुमाया फोन, लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई की मांग
अस्पताल प्रबंधन और बीएमओ के इस उदासीन रवैये से नाराज होकर विधायक केशव देसाई ने बिना देर किए मौके से ही मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. जेएस यादव को फोन लगाया और अस्पताल की बदहाली से अवगत कराया। सीएमएचओ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विधायक ने भिंड कलेक्टर केएल मीना से भी सीधे फोन पर चर्चा की और अस्पताल की इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की।
टापू बने सरकारी भवन, सालों से जस की तस है जल निकासी की समस्या
पिछले 48 घंटों से रुक-रुक कर हो रही तेज बारिश के कारण गोहद के मुख्य नाले उफान पर हैं। निकासी ब्लॉक होने की वजह से न सिर्फ सिविल अस्पताल, बल्कि क्षेत्र का प्रतिष्ठित सीएम राइज स्कूल और एक राष्ट्रीयकृत बैंक परिसर भी पूरी तरह जलमग्न हो गए हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि गोहदम में ड्रेनेज सिस्टम की यह समस्या सालों पुरानी है, लेकिन हर बार मानसून में केवल कागजी वादे किए जाते हैं। विधायक केशव देसाई ने दोटूक कहा कि अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर ऐसा जलभराव और मरीजों को होने वाली असुविधा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इसका स्थायी तकनीकी समाधान निकाला जाएगा।



