भिंड: जमीन सीमांकन के नाम पर घूसखोरी, 6 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया पटवारी हिमांशु तोमर

ग्वालियर/भिंड। मध्य प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ग्वालियर लोकायुक्त की टीम को एक और बड़ी सफलता मिली है। लोकायुक्त पुलिस ने भिंड जिले के गोहद तहसील में पदस्थ एक पटवारी को ६,००० रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के कड़े दिशा-निर्देशों पर अमल करते हुए एसपी लोकायुक्त निरंजन शर्मा के मार्गदर्शन में की गई।
किसान से मांगी थी 10 हजार की घूस, 6 हजार में तय हुआ सौदा
भ्रष्टाचार का यह मामला भिंड के ग्राम तुकेड़ा का है। यहाँ के निवासी ५६ वर्षीय किसान रामखिलाड़ी चौहान (पुत्र कृपाराम चौहान) ने अपनी जमीन का सीमांकन (नापजोख) कराने के लिए आवेदन किया था। लेकिन हल्के के पटवारी हिमांशु तोमर (३५ वर्ष) ने इस सरकारी काम के बदले किसान से १०,००० रुपये की रिश्वत की मांग की थी। परेशान होकर पीड़ित किसान ने १५ मई २०२६ को ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई।
नहर की पुलिया के पास जाल बिछाकर लोकायुक्त ने दबोचा
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सीक्रेट वेरिफिकेशन (सत्यापन) कराया, जो पूरी तरह सही पाया गया। इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से २० मई २०२६ को रिश्वत की पहली किश्त देना तय हुआ। जैसे ही आरोपी पटवारी हिमांशु तोमर मालनपुरा के पास, नहर की पुलिया के बाईं तरफ किसान से ६,००० रुपये की नगद राशि ले रहा था, तभी पहले से घात लगाए बैठी लोकायुक्त की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। आरोपी पटवारी मूल रूप से ग्वालियर के शिंदे की छावनी (लश्कर) का रहने वाला है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज, टीम में ये रहे शामिल
लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी पटवारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम १९८८ (संशोधित अधिनियम २०१८) की धारा ७ के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस सफल ट्रैप कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) विनोद सिंह कुशवाह ने किया। टीम में मुख्य रूप से निरीक्षक उपेंद्र दुबे, प्रधान आरक्षक देवेंद्र पवैया, हेमंत शर्मा, जसवंत शर्मा, मनोज कुशवाहा, बलवीर सिंह और आरक्षक प्रशांत कुशवाह, विनोद शाक्य व रवि सिंह शामिल रहे।



