ग्वालियर कलेक्ट्रेट की जन-सुनवाई में उमड़े लोग: कलेक्टर रुचिका चौहान ने खुद कुर्सियों पर बिठाकर सुनीं 135 नागरिकों की समस्याएं

ग्वालियर जिला प्रशासन आम जनता की शिकायतों और समस्याओं के त्वरित निवारण के लिए पूरी तरह से मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार, 19 मई 2026 को कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित साप्ताहिक जन-सुनवाई कार्यक्रम में कुल 135 आवेदकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया। इस दौरान कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान का एक बेहद संवेदनशील रूप देखने को मिला। उन्होंने जन-सुनवाई में आए जरूरतमंद और आम नागरिकों को सम्मानपूर्वक अपने चेंबर में बुलाया, उन्हें कुर्सियों पर बिठाया और बेहद आत्मीयता के साथ एक-एक कर उनकी परेशानियां सुनीं।
कलेक्टर के अलावा कलेक्ट्रेट सभागार में अपर कलेक्टर श्री कुमार सत्यम, जिला पंचायत के सीईओ श्री सोजान सिंह रावत और एडीएम श्री सी बी प्रसाद सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने भी जनता से सीधे संवाद किया और आवेदनों के तत्काल निराकरण की रूपरेखा तैयार की।
राजस्व, पुलिस और नगर निगम से जुड़े मामलों की रही बहुलता
जन-सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा शिकायतें राजस्व (जमीन-जायदाद), नगर निगम (बुनियादी सुविधाएं), बिजली विभाग और पुलिस प्रशासन से संबंधित प्राप्त हुईं। जमीनी विवादों और पैमाइश से जुड़े मामलों को लेकर कलेक्टर ने कड़ा रुख अपनाते हुए जिले के सभी एसडीएम (SDM) और तहसीलदारों को मौके पर जाकर त्वरित और न्यायपूर्ण कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
बुनियादी सुविधाओं और जरूरतमंदों के मुफ्त इलाज पर विशेष जोर
शहर और ग्रामीण इलाकों से आए नागरिकों ने पानी, सड़क और साफ-सफाई जैसी नगर निगम क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं से अधिकारियों को अवगत कराया। इस पर संबंधित अधिकारियों को तत्परता से काम पूरा करने की हिदायत दी गई। जन-सुनवाई का सबसे मानवीय पहलू तब सामने आया जब गंभीर बीमारियों से पीड़ित कुछ जरूरतमंद लोग मदद की आस में पहुंचे; जिला प्रशासन ने बिना किसी देरी के उनके निशुल्क इलाज की समुचित व्यवस्था कराई।
समय-सीमा के भीतर अधिकारियों को केस निपटाने का अल्टीमेटम
प्रशासन ने जन-सुनवाई में आए आवेदनों को केवल कागजों तक सीमित न रखकर उनके समाधान की गति तेज कर दी है। प्राप्त हुए कुल आवेदनों में से कई को तुरंत ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज किया गया, जबकि बाकी के आवेदनों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को ‘समय-सीमा’ (Time-limit) के भीतर अनिवार्य रूप से निपटाने के लिए सख्त निर्देशों (आवश्यक टीप) के साथ सौंप दिया गया है।



