ग्वालियर में नशामुक्ति की अलख: विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह पर मिनी मैराथन और प्रदर्शनी, आनंदेश्वर महाराज बोले— ‘युवाओं को खोखला कर रहा नशा’

ग्वालियर: विश्व तंबाकू निषेध सप्ताह के उपलक्ष्य में ग्वालियर के सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग द्वारा समाज को जागरूक करने के लिए बड़े पैमाने पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मिनी मैराथन, ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से आम जनता को तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों से दूर रहने का कड़ा संदेश दिया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवा पीढ़ी को नशे के गर्त में जाने से बचाना है।
मिनी मैराथन में दौड़े 300 से अधिक युवा, ‘नशामुक्त समाज’ का दिया नारा
जागरूकता अभियान की शुरुआत सुबह खेल परिसर कंपू से कटोराताल तक आयोजित एक मिनी मैराथन से हुई। संयुक्त कलेक्टर विनोद सिंह ने हरी झंडी दिखाकर इस दौड़ की शुरुआत की। मैराथन में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं और नागरिकों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। प्रतिभागी अपने हाथों में तंबाकू विरोधी और नशामुक्ति के संदेश लिखे स्लोगन और तख्तियां लेकर चल रहे थे। दौड़ के समापन पर खेल अधिकारी जोसेफ और रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरिओम गौतम की उपस्थिति में सभी धावकों को प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बाल भवन में सजी प्रदर्शनी; नुक्कड़ नाटक से समझाए नशे के घातक परिणाम
मैराथन के बाद सुबह 11 बजे बाल भवन परिसर में मुख्य जागरूकता कार्यक्रम और प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खुशी परवानी द्वारा प्रस्तुत की गई सुमधुर गणेश वंदना से हुआ। इसके बाद सीमा सोनी और उनकी टीम ने एक बेहद मर्मस्पर्शी नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया, जिसने तंबाकू और सिगरेट से बर्बाद होते परिवारों की हकीकत बयां कर उपस्थित जनसमुदाय को सोचने पर मजबूर कर दिया। रमन शिक्षा समिति के अध्यक्ष हरिओम गौतम ने स्वागत भाषण देते हुए कहा कि समाज को इस बुराई से मुक्त करने के लिए हर वर्ग को आगे आना होगा।
‘नशा रूपी राक्षस का समूल नाश जरूरी’ — संतों और प्रशासनिक अधिकारियों का आह्वान
समारोह के मुख्य अतिथि गंगा जगतगुरु धाम अखाड़ा परिषद के संस्थापक श्री आनंदेश्वर महाराज ने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि “नशा हमारी युवा पीढ़ी की जड़ों को दीमक की तरह खोखला कर रहा है। हमें मिलकर इस राक्षस का समूल नाश करना होगा और बच्चों को संस्कारों व अच्छे स्वास्थ्य की ओर मोड़ना होगा।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) जयराज कुबेर ने कहा कि नशे की रोकथाम के लिए समाज और पुलिस प्रशासन का मिलकर काम करना ही इसका स्थायी समाधान है। गायत्री परिवार के आनंदपाल सिंह भदौरिया, ब्रह्माकुमारी से आदर्श दीदी, डॉ. रश्मि मिश्रा और नोडल अधिकारी डॉ. सौरभ सिंघई ने भी तंबाकू के चिकित्सीय दुष्प्रभावों के बारे में बताया। कार्यक्रम के अंत में सभी को जीवन में कभी नशा न करने की शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम का संचालन धर्मेंद्र सेंगर ने किया और आभार सामाजिक सुरक्षा अधिकारी पूर्वी अग्रवाल ने व्यक्त किया।



