मुरैना नगर निगम आयुक्त पर हाईकोर्ट ने लगाया 5 हजार रुपये का जुर्माना, आदेश की अनदेखी पर कार्रवाई

अतिक्रमण और जलभराव की शिकायत पर समय सीमा में कार्रवाई नहीं करने का मामला, मंगलवार को दस्तावेजों के साथ पेश होने के निर्देश
मुरैना। ग्वालियर हाईकोर्ट ने मुरैना नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने यह कार्रवाई निर्धारित समय सीमा में आदेश का पालन नहीं करने और न्यायालय में गलत जानकारी प्रस्तुत करने के मामले में की है। हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त को पूरे दस्तावेजों के साथ मंगलवार को अदालत में उपस्थित रहने के निर्देश भी दिए हैं।
बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई
गणेशपुरा में कल्लू की चक्की के पास रहने वाले राजेश सिंह सिकरवार के घर के नजदीक एक व्यक्ति द्वारा मुख्य सड़क के कुछ हिस्से और नाली पर अतिक्रमण कर चबूतरा बना लिया गया था। इसके कारण राजेश के घर के बाहर बनी नाली से पानी की निकासी बंद हो गई।
राजेश सिंह सिकरवार ने इस समस्या को लेकर नगर निगम में कई बार आवेदन दिए, लेकिन सुनवाई नहीं होने पर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी।
कोर्ट के आदेश के बाद भी नहीं हटाया गया अतिक्रमण
पिछले महीने हाईकोर्ट ने नगर निगम को अतिक्रमण हटाने और पानी की निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे। आरोप है कि निगम प्रशासन ने निर्धारित समय में कोई कार्रवाई नहीं की। इसके उलट नगर निगम की ओर से अदालत में जानकारी दी गई कि अतिक्रमण हटा दिया गया है और पानी निकासी की व्यवस्था भी कर दी गई है।
दोबारा याचिका पर कोर्ट ने लगाया जुर्माना
नगर निगम की ओर से दी गई जानकारी के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने दोबारा हाईकोर्ट में याचिका लगाई। मामले की जांच में नगर निगम प्रशासन की लापरवाही और न्यायालय के आदेश की अवहेलना सामने आने पर अदालत ने आयुक्त पर 5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
मामले में अगली सुनवाई मंगलवार, 3 नवंबर को होनी है। हाईकोर्ट ने नगर निगम आयुक्त सत्येंद्र धाकरे को सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं।



