मुरैना में 9 महीने में 80 किलोमीटर बिजली के तार चोरी, कंपनी को 2.40 करोड़ का नुकसान

कृषि फीडरों पर चोरों का निशाना, सिंचाई के लिए परेशान किसान
मुरैना। जिले में बिजली लाइनों से तार चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते नौ महीनों में 80 किलोमीटर से अधिक लंबाई के बिजली तार चोरी होने का मामला सामने आया है। बिजली कंपनी के अनुसार, इन तारों की कीमत करीब 2 करोड़ 40 लाख रुपये है। इसका सीधा असर किसानों पर पड़ रहा है। कुओं और बोरवेल की बिजली आपूर्ति बाधित होने से खेतों की सिंचाई और खेती-किसानी के काम प्रभावित हो रहे हैं।
तिंदोखर में तार चोरी से 200 से अधिक किसान प्रभावित
तिंदोखर गांव में दो दिन पहले 14 से अधिक बिजली खंभों से तार चोरी हो गए। यह लाइन खेतों तक बिजली पहुंचाने के लिए थी। तार चोरी होने से 200 से अधिक किसानों के कुएं और बोरवेल की बिजली आपूर्ति बंद हो गई है।
इसी तरह मुड़ियाखेड़ा में सात दिन पहले सात खंभों से बिजली के तार चोरी कर लिए गए। सबलगढ़, रामपुर, कैलारस, जौरा और दिमनी क्षेत्रों में भी ऐसी घटनाएं सामने आई हैं। चिन्नौनी क्षेत्र में अब भी करीब 30 किलोमीटर बिजली तारों की जरूरत बताई जा रही है। किसान नई लाइन बिछाने के लिए लगातार आवेदन दे रहे हैं।
एक ही जगह से कई बार चोरी हो चुके हैं तार
तार चोरों के हौसले इतने बढ़े हुए हैं कि वे एक ही स्थान से दो से तीन बार तक तार चोरी कर चुके हैं। झुंडपुरा क्षेत्र में करीब एक महीने पहले आठ खंभों से तार चोरी हुए थे। बिजली कंपनी की टीम ने तीसरे दिन नए तार लगा दिए, लेकिन अगले ही दिन वे फिर चोरी हो गए। बताया गया है कि एक सप्ताह के भीतर इसी स्थान पर तीन बार तार चोरी किए गए।
देवगढ़-चिन्नौनी क्षेत्र में नहर रोड पर भी एक ही जगह से दो से तीन बार तार चोरी होने की घटनाएं सामने आई हैं। बार-बार हो रही चोरी के कारण बिजली कंपनी के सामने आपूर्ति बहाल रखने की चुनौती खड़ी हो गई है।
शिकायतों के बावजूद मामले दर्ज नहीं होने का आरोप
बिजली तारों की चोरी के मामलों में पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, तिंदोखर गांव में चोरी की शिकायत उसी दिन थाने में की गई, लेकिन प्राथमिकी दर्ज नहीं हुई। बागचीनी थाने में आठ महीने के दौरान तार चोरी के छह आवेदन दिए जाने के बावजूद किसी मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं होने की बात कही गई है।
इसी तरह मुरैना के स्टेशन रोड थाने में करीब 20 दिन पहले ग्रामीणों ने कथित तौर पर तार चोरों की गाड़ी पकड़कर पुलिस को सौंपी थी, लेकिन उस मामले में भी प्राथमिकी दर्ज नहीं किए जाने का आरोप है। लगातार हो रही चोरी और शिकायतों पर कार्रवाई नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ रही है।




