Morena: औद्योगिक जहरीले पानी ने ली 3 मोर और 2 गायों की जान; आक्रोशित ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर लगाया जाम

मुरैना: मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में औद्योगिक इकाइयों की लापरवाही ने बेजुबान वन्यजीवों और पशुओं की जान ले ली है। बानमोर और नूराबाद औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले केमिकल युक्त जहरीले पानी के कारण तीन राष्ट्रीय पक्षी मोर और दो गायों की मौत हो गई। इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने नेशनल हाईवे पर जाम लगाकर प्रशासन के खिलाफ जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
फैक्ट्रियों का केमिकल वेस्ट बना ‘काल’, नदियों का पानी हुआ जहरीला
बानमोर और नूराबाद के औद्योगिक क्षेत्रों में संचालित टायर रिफिलिंग और तेल निकालने वाली फैक्ट्रियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ये फैक्ट्रियां बिना किसी ट्रीटमेंट के अपना केमिकल युक्त कचरा और वेस्टेज सीधे सांक और आसन नदी में बहा रही हैं। भीषण गर्मी के कारण जब वन्यजीव और मवेशी इन नदियों में पानी पीने पहुंचे, तो जहरीले पानी के असर से उनकी मौत हो गई।
नेशनल हाईवे पर चक्काजाम: ‘प्रदूषण फैलाने वालों पर हो कार्रवाई’
पशुओं और मोरों की मौत की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर आए। आक्रोशित ग्रामीणों ने ग्वालियर-मुरैना नेशनल हाईवे को जाम कर दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि नदियों को दूषित करने वाली फैक्ट्रियों को तत्काल बंद किया जाए और उनके संचालकों पर आपराधिक मुकदमा दर्ज हो। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से यह खेल चल रहा है, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
प्रशासन की समझाइश और जांच का भरोसा
चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। भारी तनाव के बीच अधिकारियों ने ग्रामीणों को शांत कराया और आश्वासन दिया कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की जाएगी।
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नमूनों की जांच: नदियों के पानी के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे जा रहे हैं।
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सख्त कार्रवाई: प्रशासन ने वादा किया है कि यदि फैक्ट्रियों की लापरवाही पाई जाती है, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने जाम खोला, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समाधान नहीं हुआ, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करेंगे।



