खेत तालाब निर्माण में मजदूरी भुगतान पर सवाल, जांच की मांग…
जौरा पंचायत में करीब ₹11.67 लाख के काम को लेकर शिकायत; दस्तावेजों में 23 लोगों को काम दिए जाने का उल्लेख, शिकायतकर्ता ने कई नामों की वास्तविक उपस्थिति पर उठाए सवाल...

खेत तालाब निर्माण में मजदूरी भुगतान पर सवाल, जांच की मांग…
जौरा पंचायत में करीब ₹11.67 लाख के काम को लेकर शिकायत; दस्तावेजों में 23 लोगों को काम दिए जाने का उल्लेख, शिकायतकर्ता ने कई नामों की वास्तविक उपस्थिति पर उठाए सवाल…
ग्वालियर/भितरवार। भितरवार जनपद पंचायत क्षेत्र की ग्राम पंचायत जौरा में खेत तालाब निर्माण कार्य को लेकर मजदूरी भुगतान और कार्य की वास्तविक स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं। ग्राम जौरा निवासी रामकिशन जाटव ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच एवं मौके पर भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है।
शिकायत में कहा गया है कि ग्राम जौरा में नवल सिंह जाटव के खेत पर खेत तालाब निर्माण के लिए करीब ₹11 लाख से अधिक राशि स्वीकृत/व्यय किए जाने की जानकारी सामने आई है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि अभिलेखों में कार्य और मजदूरी भुगतान दर्शाए जाने के बावजूद मौके की स्थिति तथा मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति को लेकर सवाल हैं।
मनरेगा के दस्तावेजों में 23 लोगों को काम दिए जाने का उल्लेख
शिकायत के साथ लगाए गए मनरेगा के दस्तावेज में कार्य का नाम “Construction of Farm Ponds for Individuals” दर्ज है। दस्तावेज में कार्य की स्वीकृति दिनांक 3 मई 2025 तथा कार्य प्रारंभ दिनांक 8 मई 2025 दर्ज है। रिकॉर्ड में अनुमानित लागत 0.55865 लाख रुपये और व्यय 11.67 दर्ज दिखाई देता है। इसी रिकॉर्ड में 23 व्यक्तियों को काम दिए जाने का उल्लेख है।
संलग्न मस्टर रोल/मेजरमेंट बुक से संबंधित दस्तावेजों में मजदूरी भुगतान की प्रविष्टियां भी दर्ज हैं। रिकॉर्ड में बैंक भुगतान के माध्यम से मजदूरी भुगतान किए जाने की जानकारी दिखाई देती है।

इन नामों के सत्यापन की मांग
शिकायतकर्ता ने मजदूरी सूची में दर्ज कुछ लोगों की वास्तविक उपस्थिति और कार्य से उनके संबंध को लेकर सत्यापन की मांग की है। आवेदन में भरत जाटव, बब्बीता जाटव, रामकली बाई जाटव, संगीता अहिरवार, गौरव कैना, नीरू जाटव, मंजेश कुशवाह, गणेशी कुशवाह, अरविंद, विवेक शर्मा, विपिन शर्मा, अरुण शर्मा, प्रमोद शर्मा, वीरेंद्र सिंह जाट, मनोज वर्मा, देवेंद्र आदिवासी और धनिराम आदिवासी सहित कुल 17 नामों को लेकर अलग-अलग आपत्तियां दर्ज की गई हैं।
शिकायत में कुछ व्यक्तियों के संबंध में यह दावा किया गया है कि वे गांव में निवास नहीं करते, उम्रदराज हैं, अन्य स्थान पर रहते हैं अथवा अन्य कार्यों से जुड़े हैं। हालांकि आवेदन में लगाए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।
मौके के फोटो भी नहीं मिले
मनरेगा के संलग्न एसेट रजिस्टर में कार्य के “Before Start of Work” और “During Execution of Works” वाले फोटो के स्थान पर “Photo Not Available” दर्ज है। शिकायतकर्ता ने इसी आधार पर मौके पर जाकर तालाब निर्माण की वास्तविक स्थिति, कार्य की मात्रा और अभिलेखों में दर्ज भुगतान का मिलान कराने की मांग की है।
मस्टर रोल, जॉब कार्ड और बैंक भुगतान की जांच की मांग
शिकायत में जिला पंचायत CEO से मांग की गई है कि—
तालाब निर्माण स्थल का मौके पर भौतिक सत्यापन कराया जाए।
स्वीकृत राशि, कार्यादेश, तकनीकी स्वीकृति एवं भुगतान संबंधी रिकॉर्ड की जांच हो।
संबंधित मस्टर रोल और जॉब कार्ड का सत्यापन किया जाए।
मजदूरों की वास्तविक उपस्थिति और भुगतान का मिलान बैंक रिकॉर्ड से कराया जाए।
जियो-टैग फोटो एवं कार्य की वास्तविक स्थिति की जांच की जाए।
सरपंच, सचिव, तकनीकी अमले एवं संबंधित जनपद पंचायत अधिकारियों की भूमिका की जांच की जाए।
यदि रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में अंतर मिलता है तो नियमानुसार जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई एवं शासकीय राशि की वसूली की जाए।
शिकायतकर्ता ने 18 सितंबर 2026 को आवेदन देकर सक्षम अधिकारी से निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने की मांग की है। अब मामले में प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिलेखों में दर्ज मजदूरी भुगतान और मौके पर हुए वास्तविक कार्य में कोई अनियमितता हुई है या नहीं।


