भिंड में शिक्षकों की मजबूरी: ट्यूब के सहारे उफनता नाला पार कर पहुंच रहे स्कूल, ई-अटेंडेंस पर उठे सवाल

भिंड। जिले के बबेड़ी पंचायत क्षेत्र के नदरौली और सुमेर सिंह का पुरा गांव में बारिश के दौरान सरकारी शिक्षकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। स्कूल तक पहुंचने के रास्ते में बरसाती नाला उफान पर आने से संपर्क कट जाता है। ऐसे में शिक्षक जान जोखिम में डालकर रबर ट्यूब के सहारे नाला पार कर स्कूल पहुंचने को मजबूर हैं।
बारिश में रास्ता बंद, ट्यूब बनी सहारा
शिक्षकों के मुताबिक, बेसली नदी से जुड़े बरसाती नाले में बारिश के दौरान अचानक पानी बढ़ जाता है। पानी उतरने में कई घंटे लगते हैं। पहले ऐसी स्थिति में कुछ देर से स्कूल पहुंचने की गुंजाइश रहती थी, लेकिन अब ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू होने के कारण समय पर उपस्थिति दर्ज कराने का दबाव है।
इसी वजह से कई शिक्षक पानी कम होने का इंतजार करने के बजाय टायर की रबर ट्यूब के सहारे नाला पार कर स्कूल पहुंच रहे हैं। शिक्षकों का कहना है कि तेज बहाव के बीच यह बेहद जोखिम भरा है।
ई-अटेंडेंस को लेकर शिक्षकों में नाराजगी
शिक्षकों का कहना है कि यदि वे समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं तो मोबाइल ऐप पर उनकी अनुपस्थिति दर्ज होने और वेतन कटने की चिंता रहती है। उनका सवाल है कि जब रास्ता ही बारिश के कारण बंद हो जाता है, तो ऐसी परिस्थितियों में ई-अटेंडेंस के नियमों में व्यावहारिक छूट क्यों नहीं दी जा रही?
शिक्षकों ने विभाग से मांग की है कि बारिश के दिनों में सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था की जाए। साथ ही जब तक रास्ता नहीं बनता, तब तक ऐसी प्राकृतिक परिस्थितियों में ई-अटेंडेंस को लेकर राहत दी जाए।
सुरक्षित रास्ते की मांग, अधिकारियों ने कही सुधार की बात
नदरौली और सुमेर सिंह का पुरा के स्कूलों में पदस्थ शिक्षकों ने अधिकारियों से समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि स्कूल तक पहुंचने के लिए पुल या सुरक्षित रास्ता बनाया जाना जरूरी है।
वहीं, शिक्षा विभाग की ओर से कहा गया है कि ई-अटेंडेंस व्यवस्था में तकनीकी और व्यावहारिक सुधारों के लिए जिला शिक्षा कार्यालय में टीम बनाई गई है। बारिश के कारण शिक्षकों को होने वाली परेशानी को इस टीम के सामने रखा जा सकता है।



