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मुरैना में गन पॉइंट पर डकैती या कर्ज से बचने का ड्रामा? ₹10 लाख की लूट और 16 घंटे तक FIR न करने के आरोप पर पुलिस का बड़ा खुलासा

मुरैना। मध्य प्रदेश के मुरैना जिले से एक बेहद चौंकाने वाला और उलझा हुआ मामला सामने आया है। कैलारस क्षेत्र के चिन्नौनी थाना इलाके के बर्रेंड गांव में एक घर के अंदर नकाबपोश बदमाशों द्वारा बंदूक की नोक पर डकैती डालने और महिला से मारपीट कर ₹10 लाख की नकदी व जेवरात लूटने का आरोप लगा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि वारदात के 16 घंटे बाद भी पुलिस ने एफआईआर (FIR) दर्ज नहीं की। वहीं, दूसरी ओर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जब जांच की, तो ससुर और बहू के बयानों में भारी विरोधाभास मिला, जिसके बाद पुलिस ने इस पूरी कहानी को कर्ज से बचने के लिए रचा गया एक मनगढ़ंत ड्रामा करार दिया है।

पीड़ित परिवार की कहानी: छत के रास्ते आए नकाबपोश, बेटे को गन पॉइंट पर लेकर की लूट

बर्रेंड गांव निवासी दिलीप (पुत्र श्रीलाल रजक) के परिजनों के अनुसार, देर रात दो नकाबपोश बदमाश छत के रास्ते घर के बेडरूम में दाखिल हुए। वहाँ सो रही महिला और उसके बेटे को बदमाशों ने दबोच लिया। महिला के जागते ही बदमाशों ने उसके मासूम बेटे के सिर पर कट्टा (बंदूक) तान दिया। इसके बाद बदमाशों ने महिला के साथ बेरहमी से मारपीट की और अलमारी की चाबी छीनकर उसमें रखे ₹10 लाख नगद और सोने-चांदी के कीमती आभूषण समेटकर रफूचक्कर हो गए। घायल महिला को इलाज के लिए कैलारस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। परिजनों का आरोप है कि तुरंत सूचना देने के बाद भी पुलिस 16 घंटे तक टालमटोल करती रही।

जमीन खरीदने के लिए जुटाए थे ₹5 लाख, अलमारी में रखी थी रकम

पुलिस को दिए शुरुआती बयान में पीड़ित दिलीप ने बताया कि उसका बड़ा भाई एक जमीन खरीद रहा है, जिसके लिए रुपयों की जरूरत थी। भाई की मदद के लिए दिलीप खुद ₹3 लाख कर्ज (उधार) पर लेकर आया था, जबकि ₹2 लाख उसके पिता श्रीलाल रजक कहीं से प्रबंध करके लाए थे। यह कुल जमापूंजी और घर के पुराने पैसे मिलाकर करीब ₹10 लाख की पोटली बेडरूम की अलमारी में रखी थी, जिसे बदमाश लूट ले गए। इस घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।

 ससुर-बहू के बयानों में अंतर; थाना प्रभारी ऋषिकेश शर्मा बोले— ‘₹16 लाख के कर्ज से बचने की है साजिश’

इस पूरे हाई-प्रोफाइल मामले पर चिन्नौनी थाना प्रभारी ऋषिकेश शर्मा ने मीडिया के सामने पुलिस जांच का एक बिल्कुल अलग और चौंकाने वाला पहलू रखा। थाना प्रभारी ने बताया, “हमें सुबह करीब 7 बजे क्षेत्र में चोरी और मर्डर की सूचना मिली थी, जिस पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। लेकिन धरातल पर कहानी पूरी तरह बदली हुई नजर आई। जब हमने पीड़ित परिवार से अलग-अलग पूछताछ की, तो ससुर और बहू के बयानों में जमीन-आसमान का अंतर मिला। ससुर कह रहा है कि वह ₹3 लाख कर्ज लेकर आया था, जबकि घर की बहू ने साफ कहा कि उसे घर में किसी भी तरह की रकम रखे होने की कोई जानकारी ही नहीं थी।”

थाना प्रभारी ने आगे बताया कि गहन तकनीकी और स्थानीय जांच में यह बात सामने आई है कि इस परिवार के ऊपर पहले से ही इलाके के करीब 8 लोगों का ₹16 लाख से अधिक का भारी कर्ज है। लेनदारों के दबाव और कर्ज चुकाने से बचने के लिए प्रथम दृष्टया इस डकैती की झूठी कहानी को बुना गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि वे मामले की बारीकी से हर एंगल (लूट और साजिश दोनों) से जांच कर रहे हैं, और पूरी सच्चाई सामने आने के बाद ही आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

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