Gwalior : ग्वालियर किले पर शर्मसार हुई इंसानियत: रील के लिए विदेशी महिला से अभद्र व्यवहार, इन्फ्लुएंसर की ओछी हरकत पर भड़का लोगों का गुस्सा

ग्वालियर: सोशल मीडिया पर ‘सस्ते फेम’ और व्यूज की भूख किस कदर इंसान को अंधा बना देती है, इसका घिनौना उदाहरण ग्वालियर के ऐतिहासिक किले में देखने को मिला है। यहाँ एक तथाकथित सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ने न केवल विदेशी मेहमान के साथ बदतमीजी की, बल्कि अपनी इस अश्लील हरकत को गर्व से सोशल मीडिया पर साझा भी किया। 16 सेकंड की इस रील ने अब एक बड़े विवाद का रूप ले लिया है।
विदेशी मेहमान की लाचारी का बनाया मजाक
वायरल वीडियो में इन्फ्लुएंसर राधे गुर्जर एक विदेशी महिला (संभवतः रूसी पर्यटक) के साथ दिखाई दे रहा है। महिला, जिसे हिंदी भाषा का बिल्कुल ज्ञान नहीं है, उसकी इसी मासूमियत और अनभिज्ञता का राधे गुर्जर ने क्रूर मजाक उड़ाया। वीडियो में वह महिला के सामने ऐसी अश्लील और दोहरे अर्थ वाली भाषा का इस्तेमाल कर रहा है, जिसे सभ्य समाज में सुना भी नहीं जा सकता। भाषा न समझने के कारण महिला उसे सकारात्मक रिस्पॉन्स देते हुए मुस्कुराकर ‘यस’ कह रही है, जबकि इन्फ्लुएंसर कैमरे के सामने अपनी इस नीचता पर हंस रहा है।
सोशल मीडिया पर ‘बदनामी’ का वीडियो वायरल
यह वीडियो सबसे पहले राधे गुर्जर के इंस्टाग्राम हैंडल से सामने आया, जिसे बाद में ‘वॉयस ऑफ शिवपुरी’ जैसी आईडी द्वारा री-पोस्ट किया गया। वीडियो पर लगे लोगो और इन्फ्लुएंसर की पहचान उजागर होने के बाद से ही इंटरनेट पर आक्रोश का माहौल है। लोग इसे भारतीय संस्कृति पर धब्बा बता रहे हैं और यह सवाल उठा रहे हैं कि क्या चंद लाइक्स के लिए किसी की गरिमा और देश की छवि को दांव पर लगाना सही है?
नेटिजन्स की मांग: ‘जेल भेजकर सिखाएं मर्यादा’
वीडियो वायरल होते ही ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम पर यूजर्स ने ग्वालियर पुलिस और जिला प्रशासन को टैग करना शुरू कर दिया है। यूजर्स का कहना है कि इस तरह के ‘कंटेंट क्रिएटर्स’ की वजह से ही विदेशी पर्यटक भारत आने में असुरक्षित महसूस करते हैं। लोगों ने मांग की है कि:
-
आरोपी इन्फ्लुएंसर के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
-
ऐतिहासिक स्मारकों पर इस तरह की अभद्र शूटिंग पर प्रतिबंध लगे।
-
विदेशी पर्यटकों की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए सख्त गाइडलाइंस बनें।
ऐतिहासिक धरोहर की गरिमा तार-तार
ग्वालियर का किला सिर्फ पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि हमारे पूर्वजों के शौर्य और सम्मान का प्रतीक है। ऐसी गौरवशाली जगह का इस्तेमाल अश्लीलता और बदतमीजी फैलाने के लिए करना गंभीर अपराध है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर चल रहे इस भारी विरोध के बाद अब सबकी नजरें पुलिसिया कार्रवाई पर टिकी हैं।



