ग्वालियर की अनोखी जल संरक्षण पहल: 21 अक्टूबर को होगा ऐतिहासिक बावड़ी का लोकार्पण

ग्वालियर में पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक सराहनीय कदम उठाया गया है। शासकीय कमलाराजा कन्या स्वशासी महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई और नगर निगम के साझा प्रयासों से एक प्राचीन बावड़ी का जीर्णोद्धार किया गया है, जिसका लोकार्पण आगामी 21 अक्टूबर 2026 को किया जाएगा।
महाविद्यालय और नगर निगम की संयुक्त भागीदारी
जल संकट से निपटने और भूजल स्तर को सुधारने के उद्देश्य से इस परियोजना को अमली जामा पहनाया गया है। महाविद्यालय की एनएसएस इकाई और नगर निगम ने मिलकर इस ऐतिहासिक जल स्रोत को नया जीवन दिया है। इस तरह के सहयोगात्मक प्रयास न केवल विलुप्त हो रहे पारंपरिक जल स्रोतों को सहेजते हैं, बल्कि समाज में जल संचयन के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी प्रसारित करते हैं।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य लोकार्पण समारोह की शुरुआत नगर निगम आयुक्त अभिषेक चौधरी के मुख्य आतिथ्य में होगी। इसके अलावा, कार्यक्रम में कई प्रतिष्ठित हस्तियां विशिष्ट अतिथि के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगी, जिनमें नगर निगम की ब्रांड एंबेसडर सावित्री श्रीवास्तव, नगर निगम के अभियंता शिशिर श्रीवास्तव, एनएसएस प्रभारी डॉ. अर्चना सेन और महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. साधना श्रीवास्तव शामिल हैं।
भूजल संरक्षण और जन-जागरूकता का संदेश
इस पुनरुद्धार अभियान का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। बावड़ियां हमारे प्राचीन जल प्रबंधन तंत्र का एक अहम हिस्सा रही हैं, जिन्हें सहेजकर भविष्य के जल संकट से बचा जा सकता है। यह पहल ग्वालियर में वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सुरक्षा को लेकर एक मजबूत और प्रेरणादायक उदाहरण पेश करती है।



