उड़ीसा से डबरा तक गांजा सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पति-पत्नी समेत तीन गिरफ्तार

उड़ीसा से डबरा तक गांजा सप्लाई करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, पति-पत्नी समेत तीन गिरफ्तार…
24 किलो 310 ग्राम गांजा और इलेक्ट्रिक स्कूटी जब्त…
पुलिस प्रेस नोट में विरोधाभासी, जानकारी पर उठे सवाल…
गिर्राज रजक, ग्वालियर,
ग्वालियर/डबरा। राष्ट्रपति के प्रस्तावित ग्वालियर दौरे को लेकर जिलेभर में चलाए जा रहे सघन चेकिंग अभियान के दौरान डबरा सिटी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक अंतरराज्यीय नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 24 किलो 310 ग्राम अवैध गांजा बरामद करते हुए पति-पत्नी सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त गांजे की कीमत करीब 2 लाख 45 हजार रुपये बताई गई है, जबकि घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की इलेक्ट्रिक स्कूटी भी जब्त की गई है।

पुलिस के अनुसार रविवार सुबह मगरोरा रोड स्थित मजार के पास वाहन चेकिंग के दौरान बिना नंबर की इलेक्ट्रिक स्कूटी पर सवार दो पुरुष और एक महिला पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगे। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास रखे दो ट्रॉली बैगों से कुल 24 किलो 310 ग्राम गांजा बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान डबरा निवासी दिनेश चौहान (45), अरविंद वंशकार (32) तथा उसकी पत्नी रजनी वंशकार (27) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि डबरा निवासी संतोष पचौरी उड़ीसा से गांजा मंगवाकर इस नेटवर्क का संचालन करता था। अरविंद और रजनी गांजे की खेप डबरा तक पहुंचाते थे, जबकि दिनेश चौहान क्षेत्र में उसकी फुटकर बिक्री करता था। पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी संतोष पचौरी फिलहाल उड़ीसा के संबलपुर क्षेत्र में मौजूद है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रेस नोट में दिखी बड़ी चूक…
हालांकि इस कार्रवाई के बाद पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट भी चर्चा का विषय बन गया है। प्रेस नोट के एक हिस्से में आरोपी रजनी वंशकार का पता “ग्राम कोटखेरा थाना रक्शा जिला झांसी (उ.प्र.)” बताया गया है, जबकि दूसरे स्थान पर पति-पत्नी के पते और जिले को लेकर अलग-अलग जानकारी दर्ज की गई है। कहीं जिला शिवपुरी तो कहीं झांसी का उल्लेख किया गया है। एक ही मामले में आरोपियों के पते और जिले संबंधी विरोधाभासी जानकारी सामने आने से पुलिस की कार्यप्रणाली और दस्तावेजों की शुद्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिलहाल पुलिस इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है और मामले की जांच जारी है।




