Gwalior: अवैध कॉलोनाइजर्स पर प्रशासन का डंडा; तीन बिल्डरों के खिलाफ FIR दर्ज, कलेक्टर के कड़े निर्देश

ग्वालियर जिला प्रशासन ने अवैध कॉलोनाइजर्स के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर रुचिका चौहान के निर्देशों के बाद, बिना अनुमति के जमीन की प्लाटिंग करने वाले तीन बिल्डरों के खिलाफ विभिन्न थानों में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।प्रशासनिक टीम ने देर रात की गई इस कार्रवाई में उन लोगों को चिन्हित किया है जो नियमों को ताक पर रखकर कॉलोनियां विकसित कर रहे थे। इस मामले में पुरानी छावनी थाने में दो और तिघरा थाने में एक मामला दर्ज किया गया है।
तिघरा: बिना लेआउट स्वीकृति के बेचे भूखंड
तिघरा क्षेत्र के कुलैथ में अवैध कॉलोनी विकसित करने के आरोप में बेताल सिंह यादव के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है। जांच में पाया गया कि बेताल सिंह ने:
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कॉलोनी विकास की अनिवार्य अनुमति नहीं ली थी।
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कॉलोनाइजर के रूप में उनका कोई वैध पंजीयन नहीं था।
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नगर तथा ग्राम निवेश (T&CP) से लेआउट स्वीकृत कराए बिना ही लोगों को भूखंड बेच दिए। प्रशासन के अनुसार, यह पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 61 (घ) का सीधा उल्लंघन है।
पुरानी छावनी: बिल्डर धर्मेंद्र और सुरेंद्र पर शिकंजा
पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में भी अवैध निर्माण को लेकर दो अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं:
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ग्राम सुसैरा: यहाँ अवैध रूप से कॉलोनी विकसित करने के मामले में पुलिस ने बिल्डर धर्मेंद्र सिंह बघेल पर मुकदमा दर्ज किया है।
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ग्राम जिगसोली (तहसील कुलैथ): इस इलाके में भी अवैध निर्माण और प्लाटिंग की गतिविधियों के चलते सुरेंद्र राठौर पर प्रकरण दर्ज किया गया है।
पटवारियों की जांच रिपोर्ट पर हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई रैंडम न होकर पटवारियों द्वारा दिए गए आवेदनों और उनकी गहन जांच पर आधारित है। कलेक्टर रुचिका चौहान ने स्पष्ट किया है कि जिले में भू-माफियाओं और अवैध कॉलोनाइजर्स को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर आगामी दिनों में भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।



