शीतला माता मंदिर हादसा: ग्वालियर में पुलिस-प्रशासन के 40 अधिकारियों से होगी पूछताछ

मजिस्ट्रियल जांच में अब अधिकारियों के बयान होंगे दर्ज
ग्वालियर। शीतला माता मंदिर हादसे की मजिस्ट्रियल जांच में अब पुलिस और प्रशासन के करीब 40 अधिकारियों को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। अधिकारियों से उनकी जिम्मेदारी और हादसा होने के कारणों को लेकर जानकारी मांगी जाएगी। जांच में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), बिजली कंपनी, यातायात पुलिस और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी शामिल होंगे।
दो दिन तक कोई साक्ष्य देने नहीं पहुंचा
मजिस्ट्रियल जांच के दौरान आम लोगों से साक्ष्य और जानकारी मांगी गई थी, लेकिन मंगलवार को दूसरे दिन भी कोई व्यक्ति बयान देने नहीं पहुंचा। अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (एडीएम) न्यायालय में अधिकारी करीब चार घंटे तक लोगों के आने का इंतजार करते रहे। अब अधिकारियों को बुलाकर उनके बयान दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
सभी संबंधित अधिकारियों के बयान दर्ज होने के बाद हादसे से जुड़ी अलग-अलग कड़ियों की पड़ताल की जाएगी। इसके आधार पर जांच के निष्कर्ष तैयार किए जाएंगे।
16 लोगों की मौत, 42 घायल हुए थे
शीतला माता मंदिर के प्रवेश द्वार पर हुए हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 42 लोग घायल हुए थे। चीनोर रोड की ओर से आ रहे ट्रक ने मंदिर के गेट पर मौजूद लोगों को कुचल दिया था। घायलों में से कई को बेहतर उपचार के लिए विमान से भोपाल भेजा गया था। मुख्यमंत्री के निर्देश पर मामले की जांच शुरू की गई थी और कई पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निलंबित किया गया था।
पुलिसकर्मियों से लेकर दूसरे विभागों के अधिकारियों तक होगी पूछताछ
जांच के लिए पुलिस से ड्यूटी आदेश और घटनास्थल पर तैनात पुलिसकर्मियों के नाम सहित पूरा रिकॉर्ड लिया गया है। नवरात्र से पहले मंदिर में हुई बैठक में शामिल प्रशासनिक अधिकारियों, एसडीएम, सीएसपी, पीडब्ल्यूडी अधिकारियों, बिजली कंपनी के इंजीनियरों और यातायात पुलिस से भी जानकारी ली जाएगी।
इस मामले में सीएसपी रवि भदौरिया को पुलिस मुख्यालय अटैच किया गया था। निरीक्षक शक्ति सिंह यादव, निरीक्षक गीतेश शर्मा और रक्षित निरीक्षक अभिषेक रघुवंशी सहित ड्यूटी चार्ट में शामिल कुछ पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गई थी। संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के बयान एडीएम सीबी प्रसाद के समक्ष दर्ज किए जाएंगे। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जाएगा कि हादसे के दौरान किसकी क्या जिम्मेदारी थी और किन कारणों से इतनी बड़ी दुर्घटना हुई।




