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morena : रेत माफिया पर महाएक्शन: आधी रात को चंबल के घाटों पर पहुंचे कलेक्टर और एसपी, एसएएफ गार्ड्स को दिए सख्त निर्देश

मुरैना: चंबल नदी से रेत के अवैध उत्खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। रेत माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करने और धरातल पर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए जिला कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और पुलिस अधीक्षक (SP) धर्मराज मीणा ने आधी रात को चंबल के विभिन्न घाटों का औचक निरीक्षण किया। इस औचक कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया, हालांकि मुस्तैदी के चलते घाटों पर खनन पूरी तरह बंद पाया गया।

सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पालन: 90 फीसदी थमा अवैध उत्खनन

माननीय सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) के सख्त निर्देशों के तहत चंबल अभयारण्य क्षेत्र से रेत के अवैध उत्खनन को शून्य पर लाने के लिए कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ और एसपी धर्मराज मीणा ने जिले में पूरी ताकत झोंक दी है। प्रशासनिक सख्ती का ही असर है कि कभी रेत माफियाओं के गढ़ रहे चंबल घाटों के आसपास अब अपराधी भटकने की हिम्मत भी नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में करीब 90 फीसदी अवैध उत्खनन पर प्रभावी रूप से लगाम लगाई जा चुकी है।

रात 2 बजे निकला अफसरों का काफिला, इन संवेदनशील पॉइंट्स की हुई जांच

जमीनी हकीकत को परखने के लिए कलेक्टर और एसपी रात करीब 2 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के अपने काफिले के साथ निकले। अफसरों की टीम ने चंबल से जुड़े कई संवेदनशील रास्तों और चौकियों की बारीकी से जांच की:

  • वन चौकी व सिकरौदा नहर: अधिकारी सबसे पहले नेशनल हाईवे पर स्थित वन विभाग की चौकी पहुंचे और वहां तैनात कर्मचारियों से फीडबैक लिया। इसके बाद सिकरौदा नहर के पास स्थित एसएएफ (SAF) चेकिंग पॉइंट का निरीक्षण किया, जहां जवान मुस्तैद मिले।

  • राजघाट व गढोरा घाट: काफिला आगे बढ़ते हुए राजघाट चंबल पुल के पास बने एसएएफ चेक पॉइंट, कुल्हाड़ा घाट और गढोरा घाट पहुंचा। इन सभी दुर्गम और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बल रात के सन्नाटे में भी अलर्ट मोड पर नजर आए।

आरटीओ चेक पोस्ट का भी लिया जायजा, सुरक्षा बलों को सतर्क रहने के निर्देश

चंबल के घाटों का मुआयना करने और ड्यूटी पर तैनात एसएएफ के जवानों को अवैध परिवहन रोकने के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश देने के बाद दोनों वरिष्ठ अधिकारी मुरैना की ओर लौटे। वापसी के दौरान उन्होंने रास्ते में स्थित आरटीओ (RTO) चेक पोस्ट का भी औचक निरीक्षण किया। यहां भी वाहनों की चेकिंग और अन्य व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त पाई गईं। सब कुछ संतोषजनक मिलने के बाद अधिकारी तड़के वापस लौटे। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि चंबल में परिंदा भी पर मारेगा, तो कानून का डंडा चलना तय है।

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