ग्वालियर में कलेक्टर की बड़ी कार्रवाई: ‘स्वामित्व योजना’ में घोर लापरवाही पर दो पटवारी तत्काल प्रभाव से निलंबित, मुख्यालय अटैच

ग्वालियर: मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले में शासकीय कार्यों और महत्वाकांक्षी योजनाओं में लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक शिकंजा कसना शुरू हो गया है। कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने पदीय दायित्वों के प्रति घोर उदासीनता, समय पर निर्देशों का पालन न करने और शासन की महत्वपूर्ण आबादी सर्वे (स्वामित्व) योजना में अत्यंत खराब प्रगति पाए जाने पर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान दोनों का मुख्यालय जिला भू-संसाधन प्रबंधन कार्यालय निर्धारित किया गया है।
समीक्षा बैठक में खुली पोल: ड्रोन सर्वे के बाद भी अटकाया काम
कलेक्टर द्वारा जिले में लंबित आबादी सर्वे (स्वामित्व) प्रकरणों की ब्लॉकवार समीक्षा की जा रही थी। इस दौरान दोनों पटवारियों का रिपोर्ट कार्ड अत्यंत निराशाजनक पाया गया:
-
पटवारी राजाराम आदिवासी (भितरवार अनुभाग): भितरवार के ग्राम गाजना में ड्रोन फ्लाई सर्वे और ग्राउंड ट्रुथिंग (जमीनी मिलान) का काम पहले ही पूरा हो चुका था। इसके बावजूद पटवारी राजाराम आदिवासी द्वारा कुल 164 प्लॉटों में से महज 18 प्लॉटों का ही आर.ओ.आर. (Record of Rights) कार्य किया गया था।
-
पटवारी श्रीमती रिचा शर्मा (घाटीगांव अनुभाग): घाटीगांव के ग्राम बरई में तैनात पटवारी रिचा शर्मा के क्षेत्र में कुल 1480 प्लॉटों का सर्वे होना था, लेकिन उन्होंने अब तक सिर्फ 290 प्लॉटों का आर.ओ.आर. कार्य पूरा किया, जो कुल काम का बेहद छोटा हिस्सा है।
तहसीलदार और एसडीएम की रिपोर्ट पर गिरी गाज
चेतावनी को किया दरकिनार: शासकीय समीक्षा में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि शासन की इस शीर्ष प्राथमिकता वाली योजना के त्वरित निराकरण के लिए समय-समय पर स्पष्ट गाइडलाइंस और निर्देश जारी किए गए थे। इसके बावजूद दोनों ही पटवारियों ने काम को गंभीरता से नहीं लिया। संबंधित अनुविभागीय अधिकारी (SDM) और तहसीलदार ने भी अपनी रिपोर्ट में दोनों के कार्य आचरण को बेहद असंतोषजनक और नियम विरुद्ध बताया था।
सिविल सेवा नियमों के तहत निलंबन और मुख्यालय निर्धारण
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान ने दोनों पटवारियों के इस ढुलमुल रवैए को म.प्र. सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के प्रावधानों का खुला उल्लंघन माना है।
| प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण | मुख्य बिंदु |
| लागू नियम | म.प्र. सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत सस्पेंशन की कार्रवाई की गई है। |
| नया मुख्यालय | निलंबन की पूरी अवधि के दौरान दोनों निलंबित पटवारियों का मुख्यालय कार्यालय भू-संसाधन प्रबंधन, जिला ग्वालियर नियत किया गया है। |
| भत्ता | नियमों के अधीन निलंबन काल के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता पात्रता के अनुसार मिलता रहेगा। |




