ग्वालियर शीतला माता मंदिर हादसा: 12 साल की मन्नत से जन्मे जुड़वा बेटों और चाचा की दर्दनाक मौत, मुरैना में उठा एक साथ तीन अर्थियों का मातम

मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के आंतरी स्थित प्राचीन शीतला माता मंदिर में हुए भीषण हादसे ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। शनिवार-रविवार की दरमियानी रात हुए इस खौफनाक हादसे में एक बेकाबू और ओवरलोड ट्रक ने नो-एंट्री तोड़कर मंदिर परिसर में तबाही मचा दी थी, जिसमें 15 लोगों की जान चली गई और 42 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस त्रासदी ने कई हंसते-खेलते परिवारों को कभी न भरने वाले जख्म दिए हैं।
12 साल की तपस्या और मन्नत के बाद जन्मे थे जुड़वा अमन और लव
इस भीषण हादसे के सबसे मर्मस्पर्शी और झकझोर देने वाले मामले ने ग्वालियर के गदाईपुरा निवासी त्यागी परिवार को पूरी तरह तोड़कर रख दिया है। मूल रूप से मुरैना जिले के जौरा (हार गांगोली गांव) के रहने वाले 55 वर्षीय विद्याराम त्यागी के घर 12 वर्षों की लंबी प्रतीक्षा, मन्नतों और मंदिरों की खाक छानने के बाद जुड़वा बेटों (अमन और लव) का जन्म हुआ था।
घटना की रात दोनों मासूम बच्चे अपने चाचा अशोक त्यागी के साथ शीतला माता मंदिर में दर्शन और मन्नत उतारने गए थे। लेकिन किसे पता था कि काल बनकर आ रहा एक बेकाबू ट्रक उनकी खुशियों को हमेशा के लिए लील लेगा। इस सड़क हादसे में चाचा और दोनों भतीजों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मुरैना स्थित उनके पैतृक गांव में जब एक साथ तीन अर्थियां उठीं, तो वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं।
भक्तों का अटूट विश्वास और प्रशासन की कार्रवाई
इस भीषण दुर्घटना के बावजूद मां शीतला के प्रति श्रद्धालुओं की आस्था जरा भी कम नहीं हुई है। अष्टमी और नवमी के पावन पर्व पर मध्य प्रदेश के अलावा उत्तर प्रदेश और राजस्थान से भी भक्त लगातार दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं, हालांकि आम दिनों की तुलना में भीड़ थोड़ी कम जरूर नजर आ रही है। वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस हादसे के पीड़ितों के परिजनों से मिलने पहुंचे और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था और घायलों के इलाज की समीक्षा की।



